नई दिल्ली : दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने आज कहा कि नई दूरसंचार नीति लगभग तैयार है और इसे मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद संसद के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा। सिन्हा ने यहां दीनदयाल स्पर्श योजना अवार्ड समारोह के अवसर पर संवाददाताओं को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा, ‘नई दूरसंचार नीति लगभग तैयार है। इसी महीने हम इसे आम लोगों की टिप्पणियों के लिए विभाग की वेबसाइट पर पेश कर देंगे। हम इसे संसद के आगामी सत्र में लाएंगे।' उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में दूरसंचार क्षेत्र के लिए राहत पैकेज को मंजूरी दी जिससे यह सुनिश्चित होगा कि इस क्षेत्र की ऐतिहासिक सफलता आगे भी निर्बाध जारी रहे।

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सिन्हा ने कहा, ‘दूरसंचार क्षेत्र का सफल इतिहास रहा है और इससे सुनिश्चित होगा कि सफलताका सिलसिला जारी रहे और भारत को अच्छी कनेक्टिविटी सु
निश्चित हो।' उन्होंने कहा कि दूरसंचार कंपनियों के पास यह विकल्प होगा कि वे स्पेक्ट्रम के लिए नए भुगतान कार्यक्रमों को चुनें या मौजूदा समझौते के तहत ही बनी रहें।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसी महीने क्षेत्र के लिए राहत उपायों को मंजूरी दी थी। इसी के तहत दूरसंचार विभाग ने कल कंपनियों की लाइसेंस शर्तों में संशोधन करते हुए स्पेक्ट्रम भुगतान के लिए किस्तों की संख्या बढ़ा दी। इसके साथ ही इन दूरसंचार कंपनियों की स्पेक्ट्रम रखने की सीमा भी बढ़ाई गई है।

इस कदम से गंभीर वित्तीय संकट झेल रहे इस क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है। इस संशोधन से पहले स्पेक्ट्रम नीलामी का एक हिस्सा दूरसंचार विभाग अग्रिम में लेता है और उसके बाद दो साल तक कोई भुगतान नहीं लिया जाता। कंपनियों को शेष राशि का भुगतान इन दो वर्षों के बाद दस किस्तों में करना होता है।