रांची : चारा घोटाला के एक मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया है। लालू को चारा घोटाले से जुड़े चौथे मामले में दोषी करार दिया गया है। लालू की सजा पर बहस 21 मार्च से 23 तक होगी।

दूसरी तरफ पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्र को बरी कर दिया है। वहीं अधीप चंद, ध्रुव भगत भी बरी कर दिए गए हैं। महेंद्र सिंह बेदी, आनंद कुमार को दोषी करार दिया गया है। दुमका केस में यह फैसला आया है।

चारा घोटाला के दुमका कोषागार मामले में तीन करोड़, तेरह लाख रुपये का गबन हुआ था। केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने दुमका कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े मामले में अपना फैसला पांच मार्च को सुरक्षित कर लिया था।

सीबीआई अदालत ने पहले लालू की उस नयी याचिका पर फैसला सुनाया था, जिसमें उनके वकील आनंद ने चारा घोटाले के इस मामले में बिहार के तत्कालीन महालेखा परीक्षक, उपमहालेखा परीक्षक तथा महालेखाकार कार्यालय के निदेशक पर संलिप्तता का मुकदमा चलाने की मांग की थी। अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत लालू ने इन तीनों को भी नोटिस जारी कर इस मामले में सह अभियुक्त बनाने का अनुरोध किया था।

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इससे पहले इसी वर्ष 24 जनवरी को लालू प्रसाद एवं जगन्नाथ मिश्र को सीबीआई की विशेष अदालत ने चाईबासा कोषागार से 35 करोड़, 62 लाख रुपये का गबन करने के चारा घोटाले के एक अन्य मामले में दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष सश्रम कारावास एवं क्रमशः दस लाख एवं पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनायी थी। सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के चाईबासा मामले में कुल 50 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनायी थी।