नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति एम. वैंकैया नायडू ने आज घरेलू इलेक्ट्रिकल उपकरण विनिर्माताओं से मानक और गुणवत्ता के आधार पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस उद्योग को आयात से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है और इसलिए घरेलू उद्योग को एक समान स्तरीय अवसर उपलब्ध कराने की जरुरत है।

नोएडा में एक कार्यक्रम के दौरान नायडू ने कहा, ‘‘ मुझे पूरा भरोसा है कि बिजली क्षेत्रसमय की चुनौती पर खरा उतरेगा और वह अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाबसे गुणवत्ता भी सुनिश्चित करेगा।'' उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण तकनीक की जरुरत न केवल अधिक लचीली बुनियादी संरचना बनाने के लिए है बल्कि लागत को कम करने के लिए भी इसकी आवश्यकता है।

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नायडू ने कहा कि भारतीय इलेक्ट्रिकल उपकरण उद्योग में बिजली उत्पादन, पारेषण, वितरण और सहयोगी क्षेत्र के उपकरण शामिल होते हैं। यह पांच लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और10 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है। पूरी आपूर्ति श्रृंखला में यह उद्योग50 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देता है।

उपराष्ट्रपति ने उद्यमियों को जलवायु परिवर्तन और धरती का तापमान बढ़ने को लेकर भी सजग किया। उन्होंने कहा कि इससे हमारे जीवन के हर पहलू पर असर पड़ रहा है इसलिये कोई भी नई नीति में पर्यावरण और सतत विकास को ध्यान में रखा जाना चाहिये।