रांची: चारा घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद से जुड़े चौथे मामले की सुनवाई सोमवार को पूरी हो गई। सजा सुनाने के लिए 15 मार्च की तारीख मुकर्रर की गई है।

यह मामला दिसंबर 1995 से जनवरी 1996 के बीच दुमका कोषागार से 13.13 करोड़ रुपये फर्जी तरीके से निकालने का है।

लालू प्रसाद के अलावा, इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा और 30 अन्य भी आरोपी हैं।

लालू प्रसाद को चार घोटाले के पहले मामले में वर्ष 2013 में पांच वर्ष की सजा सुनाई गई थी। इस घोटाले के दूसरे मामले में लालू को 23 दिसंबर 2017 को दोषी ठहराया गया था और 6 जनवरी को साढ़े तीन साल कैद की सजा सुनाई गई थी। तीसरे मामले में उन्हें चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के लिए 24 जनवरी को दोषी ठहराया गया था और पांच साल की सजा दी गई।

लालू को अब इस घोटाले से जुड़े रांची और पटना मामले में सुनवाई का सामना करना है। पहले तीन मामलों में लालू प्रसाद को राहत नहीं मिली है। सजायाफ्ता लालू प्रसाद फिलहाल रांची स्थित जेल में बंद हैं। लगातार दोषी ठहराए जाने के कारण उच्च न्यायालय ने भी उन्हें जमानत की राहत नहीं दी है। अब देखना है कि लालू प्रसाद को चौथे मामले में राहत मिलती है या फिर उनके खिलाफ एक और सजा का एलान होता है।