नई दिल्ली: 2014 लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन राजग को भारी बहुमत दिलाने वाले राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के एक बार फिर भाजपा से जुड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं। यह भी संभावना व्यक्त की जा रही है कि प्रशांत किशोर 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के चुनावी अभियान की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

सूत्रों की अगर मानें तो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मनमुटाव के बाद भाजपा से दूरी बना चुके प्रशांत किशोर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलाया था और दोनों की मुलाकात हुई है। उधर, प्रशांत किशोर की टीम का कहना है कि अभी इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि प्रशांत किशोर अकसर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी से भी मुलाकात करते हैं।

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हलांकि प्रशांत किशोर की टीम ने कहा है कि आगामी कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद ही फैसला किया जाएगा कि 2019 लोकसभा चुनाव में किनके साथ मिलकर काम करना है। गौरतलब है कि 2014 में अमित शाह से मनमुटाव के बाद प्रशांत किशोर बिहार चुनाव के दौरान नीतीश कुमार के लिये काम किया था। बाद में यूपी और पंजाब चुनाव में कांग्रेस के लिए काम किया।

भाजपा सहित बिहार में जदयू-राजद तथा पंजाब में कांग्रेस का सफलतापूर्वक अभियान चलाने वाले राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर पिछले साल जुलाई से वाईएसआर कांग्रेस के साथ जुड़े थे।

वाईएसआर अध्यक्ष तथा आंध्र प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने पार्टी नेताओं के साथ एक बैठक की, जिसमें प्रशांत किशोर मौजूद थे। वाईएसआर सासंद पी.मिथुन रेड्डी ने बताया था कि हमने प्रशांत किशोर को सलाहकार के रूप में स्वीकार कर लिया है और उन्हें एक बैठक में पार्टी नेताओं से मिलवाया गया था।