हैदराबाद : नोटबंदी के बाद मार्केट में पहुंचे 2000 रुपये के नोटों की किल्लत पैदा हो गई है। बैंकों में दैनिक कारोबार में ये नोट बहुत कम दिखाई पड़ रहे हैं। बताया जाता है कि 2 हजार रुपये के नोट बैंकों में जमा करने वालों की संख्या में पिछले तीन महीनों से भारी गिरावट दर्ज हुई है।

एक दिन का बैंक अवकाश होने पर एटीएम काम करना बंद कर देते हैं। बैंकों में कैश डिपॉजिट्स पर पाबंदियां लगाने के बाद बैंकों से नकदी निकासी बढ़ गई है। अधिकांश लोग अचल संपत्ति के व्यापार में निवेश कर रहे हैं। बैंक कर्मचारी एसोसियन के अध्यचन के मुताबिक 2 हजार रुपये के नोट बैंक नहीं पहुंच रहे हैं और लोग उन्हें अचल संपत्ति के व्यापर में लगा रहे हैं।

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पिछले दिनों कुछ राष्ट्रीय बैंकों के कारोबार पर नजर डालें. तो पता चलता है कि प्रति दिन डिपॉजिट्स के रूप में बैंकों में लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के 2 हजार रुपये के नोट आते थे, लेकिन अब यह राशि घटकर 4-5 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

दूसरी तरफ आरबीआई पर विभिन्न बैंकों को दैनिक कारोबार के लिये जरूरी नकदी की व्यवस्था नहीं करने का आरोप लगे हैं। ऐसे भी बैंकों के दैनिक कारोबार के लिये न्यूनतम कैश की जरूरत होती है।

शहर के कुछ महत्वपूर्ण व व्यापारिक प्रतिष्ठान वाले क्षेत्रों में स्थित बैंकों में भी यही स्थिति बनी हुई है। जिला, मंडल तथा ग्रामीण स्तर पर बैंकों में लोग आज भी नकदी की किल्लत महसूस कर रहे हैं। कुछ बैंकों में एक लाख से अधिक की नकदी निकासी की अनुमति नहीं है।