सिद्दिपेट: जमाना बदल गया है और बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी उपलब्ध है। बावजूद उसके कुछ मामलों में अंधविश्वास लोगों में घर कर गया है। देर रात श्मशानवाटिका में नहीं जाना चाहिए, ये नहीं करना चाहिए, वो नहीं करना चाहिए, ऐसी बातें अकसर सुनने में आती हैं।

जिन लोगों में अंधविश्वास का भूत सवार है, उन्हें उससे छुड़ाने और उनमें जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से जन विज्ञान मंच ने कमर कसी है। श्मशान वाटिका को लेकर लोगों में जो भ्रम व भय है, उसे दूर करने के लिये मंच ने एक अनोखा कार्यक्रम शुरू किया है।

चीता के पास खड़े लोग 
चीता के पास खड़े लोग 

पुलिस के सहयोग से जन विज्ञान मंच के सदस्यों ने कल (गुरुवार) अमावास की पूरी रात सिद्दिपेट बाईपास रोड स्थित एक श्मशानवाटिका में गुजारी। पुलिस और जन विज्ञान मंच के कार्यकर्ताओं ने कई बार पूरे श्मशानघाट के चक्कर लगाये। यही नहीं, जिस जगह

चिता दी जाती है, वहीं उन्होंने नाश्ता भी किया। उन्होंने कहा कि अमावास और पूर्णिमा केवल खगौल में होने वाले बदलाव है और इस दिन किसी तरह के तंत्र-मंत्र, जादू-टोना आदि नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को वैज्ञानिक अंदाज में जीवन जीना चाहिए और अंधविश्वास पर भरोसा नहीं करना चाहिए।