नई दिल्ली : सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक में देश का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है। ये घोटाला 11500 करोड़ रुपये का है। घोटाला सामने आने के बाद बताया जा रहा है कि नीरव मोदी देश छोड़कर फरार हो गया है। पीएनबी फ्रॉड में शामिल नीरव एक हीरा कारोबारी है।

बता दें कि मोदी के पिता हीरा कारोबारी थी, जो भारत से एंटवर्प चले गए। उसका बचपन बेल्जियम के एंटवर्प शहर में बीता है। हांलाकि नीरव वापस मुंबई आ गया। जहां उसने अपने चाचा मेहुल चौकसी से व्यापार करना सीखा। पीएनबी फ्रॉड में मेहुल चौकसी का भी नाम शामिल है। ईडी के मुताबिक जब नीरव मोदी का नाम इस फ्रॉड में सामने आया तो कई ज्वैर्ल्स ने उनके बारे में बोलना बंद कर दिया। यही नहीं कई ने तो उनसे संबंध की बात से ही इनकार कर दिया।

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1999 में बनाई फायरस्टार कंपनी

साल 1999 में नीरव ने फायरस्टार कंपनी बनाई। फोर्ब्स के मुताबिक नीरव मोदी की नेटवर्थ 11 हजार करोड़ रुपये है। फोर्ब्स की अमीरों की सूची में मोदी का 85वां स्थान है। मोदी का ज्वैलरी स्टोर लंदन, न्यूयार्क, लॉस वेगास, हवाई, सिंगापुर, बीजिंग जैसे 16 शहरों में हैं। भारत में भी दिल्ली और मुंबई में नीरव का स्टोर है। नीरव मोदी ने 2010 में अपने नाम से डायमंड कंपनी बनाई थी।

बॉलीवुड से भी हैं गहरे संबंध

फोर्ब्स की अमीरों की सूची में नीरव मोदी 2013 से अपना नाम बनाए हुए है। प्रियंका चोपड़ा, एंड्रिया डायाकोनु और रोजी हंटिंगन जैसे स्टार इनके ब्रांड को प्रमोट करते हैं। 46 साल का नीरव मोदी वॉटर्न ड्रॉपआउट है। उसकी ज्वेलरी के दाम पांच लाख से 50 करोड़ रुपये तक है। बॉलीवुड से भी नीरव के गहरे संबंध है।

22.4 करोड़ में बिका था एक नेकलेस

नीरव ने ही 1990 के दशक में ग्राहकों को उनकी जरूरदत के मुताबिक हीरे का सप्लाई करना चालू किया था। 2010 में उसका एक नेकलेस हांगकांग में हुई नीलामी में 22.4 करोड़ रुपये में बिका था। 2005 में नीरव मोदी ने फ्रेडरिक गोल्डमैन कंपनी को खरीदा था। ये कंपनी अमेरिका में उसकी सबसे बड़ी ग्राहक थी और मोदी की कंपनी से 7 गुना बड़ी थी।

पिछले महीने दर्ज हुई थी FIR

गौरतलब हो कि पिछले सप्ताह पीएनबी ने सीबीआई के पास एक एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया था कि 16 जनवरी को सबसे पहले 280.7 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी वाले गारंटी पत्र जारी किए गए। उस समय बैंक ने कहा था कि वह रिकॉर्डों की जांच कर रहा है, जिससे पता चल सके कि घोटाला कितना बड़ा है। अपनी शिकायत में पीएनबी ने तीन हीरा कंपनियों डायमंड्स आर यूएस, सोल एक्सपोर्टस और स्टेलर डायमंड्स का नाम लिया था। शिकायत में कहा गया था कि उन्होंने 16 जनवरी को बैंक से विदेशी आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान के खरीदार ऋण के लिए संपर्क किया था। बैंक ने एलओयू जारी करने के लिए प्रतिशत का नकद मार्जिन मांगा था, जिसका इन कंपनियों ने विरोध करते हुए कहा था कि वे यह सुविधा 2010 से प्राप्त कर रही हैं।

PNB के अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ घोटाला

नीरव मोदी उसकी पत्नी एमी और भाई निशाल और मेहुल चौकसी डायमंड्स आर यूएस, सोलर एक्सपोर्टस तथा, स्टेलर डायमंड्स में भागीदार है। इन कांपनियों की हांगकांग, दुबई और न्यूयार्क में इकाइयां है। जिन बैंक अधिकारियों का नाम इस मामले में सामने आया है, उनमें उप प्रबंध गोकुलनाथ शेट्टी भी शामिल है, जो 31 मार्च 2010 से पीएनबी के मुंबई में विदेशी विनिमय विभाग में कार्यरत थे। कथित रूप से शेट्टी ने एक अन्य अधिकारी मनोज खारत के साथ मिलकर ये धोखाधड़ी वाले एलओयू जारी किए। पीएनबी ने बयान में कहा कि उसकी मुंबई की शाखा में इस तरह के धोखाधड़ी के लेनदेन हुए जिसका फायदा कुछ चुनिंद खाता धारकों को मिला है। ये लेन-देन मोदी भाई निशाल, पत्नी एमी और मेहलु चीनूभाई चौकसी ने किए हैं, जिनके आधार पर अन्य बैंकों ने विदेश में ग्राहकों कर्ज दिया है।