हैदराबाद : भगवान शिव की आराधना का विशेष पर्व महाशिवरात्रि शिव साधकों के लिए सबसे अहम पर्व है। इस बार शिवरात्रि के दिन को लेकर मतभेद सामने आ रहा है। कुछ विद्वान 13 फरवरी का दिन शिवरात्रि के लिए सबसे उपयुक्त बता रहे हैं तो कुछ 14 फरवरी का दिन निर्धारित कर रहे हैं। हम यहां आपकी इस समस्या का समाधान कर रहे हैं।

शात्रोक्त और शिवपुराण के रूद्र संहिता के अनुसार, शिवरात्रि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मानी जाती है। फाल्गुन कृष्ण पक्ष में चतुर्दशी के दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। शिवरात्रि को लेकर मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई है।

भगवान शिव
भगवान शिव

कब है शुभ मुहूर्त

मान्यता है इस दिन शंकर जी और पार्वती जी का विवाह संपन्न हुआ था। इस वर्ष चतुर्दशी तिथि 13 फरवरी, 2018 को रात्रि 11:34 से प्रारंभ हो रही है जो कि त्रयोदशी तिथि से युक्त है और 14 फरवरी को रात्रि 12:46 तक है। हालांकि कुछ जगहों पर 13 फरवरी को ही महाशिवरात्रि मनाई जाएगी।

मां पार्वती के साथ भगवान शंकर
मां पार्वती के साथ भगवान शंकर

शिवभक्तों के लिए निशिता काल पूजा का समय 12 बजकर 9 मिनट से 1 बजकर 1 मिनट मिनट तक रहेगा। यानी मुहूर्त की कुल अवधि 51 मिनट तक रहेगा। 14 फरवरी को पारण का समय सुबह 7 बजकर 30 मिनट से दोपहर 3 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। महाशिव रात्रि की पूजा चार पहरो में होती है।

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