कराची: बॉलीवुड फिल्म पैडमैन की जहां जमकर सराहना हो रही है। वहीं पाकिस्तान ने इस फिल्म को अपने देश में रिलीज की इजाजत नहीं दी है। पाक फेडरल सेंसर बोर्ड ने फिल्म को बैन किया है।

पाक सेंसर बोर्ड के सदस्य ईशाक अहमद ने दलील दी कि ये फिल्म पाकिस्तान की परंपराओं और संस्कृति के खिलाफ है। ये दलील दरअसल पाकिस्तान की दकियानूसी सोच और जाहिल रवैये को ही जाहिर करता है।

पाकिस्तानी फिल्मकार ईशाक अहमद ने दलील दी कि पैडमैन एक टैबू सब्जेक्ट पर बनी फिल्म है। जो पाकिस्तान के समाज और मजहब की भावनाओं के खिलाफ है।

हालांकि पाकिस्तान में पैडमैन नहीं दिखाए जाने की मुखालफत भी हो रही है। पाकिस्तान के एक अन्य मशहूर फिल्मकार सैयद नूर ने पैडमैन को लेकर पाकिस्तानी फिल्म वितरकों से बात करने पर जोर दिया। उनके मुताबिक अगर पैडमैन को पाकिस्तान में दिखाना सही नहीं है। तो फिर पद्मावत को भी पाकिस्तान में उसी दलील के आधार पर नहीं दिखाया जाना चाहिए। क्योंकि पाकिस्तान में इस्लामी शख्सियतों के बारे में नकारात्मक चीजें दिखाई गई हैं।

पैडमैन की बात की जाय, तो इस फिल्म में अश्लीलता का नामोनिशान नहीं है। दरअसल ये फिल्म महिलाओं में माहवारी के दौरान सफाई को प्रमोट करता है। साथ ही सैनिटरी नैपकिन को लेकर गलत धारणाओं के बारे में जागरूक करता है।

फिल्म के रिलीज के बाद दर्शकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। खासकर फिल्म में अक्षय कुमार और राधिका आप्टे के अभिनय को खूब सराहा जा रहा है। महिलाओं में पीरियड्स को लेकर होने वाली समस्याओं को बेहद संजीदगी से इस फिल्म में समझाया गया है।

इस फिल्म के निर्देशक है आर. बाल्कि जबकि अक्षय और राधिका के अलावा फिल्म में सोनम कपूर ने भी दमदार भूमिका निभाई है।