पणजी : गोवा घूमने के दौरान यौन उत्पीड़न का शिकार हुई अमेरिकी पर्यटक ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती बताने के कुछ ही घंटे बाद आरोपी को पकड़ने के लिए गोवा पुलिस का शुक्रिया अदा किया। पीड़िता ने फेसबुक में अपने साथ गोवा में घटी घटना के संबंध में पोस्ट डाली थी।

अपनी एक ओर नई पोस्ट में न्यूयार्क की रहने वाली पीड़िता ने उन लोगों को भी विस्तृत जवाब दिया, जिन्होंने उनकी पोस्ट पर सवाल उठाए थे। इस पोस्ट को सोमवार को अपलोड किया गया था और इसे लगभग 2000 बार शेयर किया गया।

पीड़िता ने अपनी पोस्ट में कहा, "अभी भी उस घटना से हिली हुई हूं। मुझे बताने में खुशी हो रही है कि यह आदमी (मोटरसाइकिल टैक्सी संचालक) पकड़ा गया और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है।"

उन्होंने कहा, "मैं भारतीय अधिकारियों की अहसानमंद हूं जिन्होंने इतनी तेजी से काम किया और उन लोगों की भी शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मेरी पोस्ट को शेयर किया और मुझे सहानुभूति भरे शब्द कहे।"

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उन्होंने कहा, "वे लोग जिन्होंने मुझे सहानुभूति भरे शब्द नहीं कहे या मेरी स्टोरी पर सवाल उठाए, उनके लिए यही कहना है कि आप हैं इसलिए 'हैशटैग मीटू' पहल की जरूरत पड़ती है। आप हैं, इसीलिए महिलाओं को सच्चाई के साथ सामने आने में डर लगता है।" उन्होंने कहा, "आप हैं, इसलिए स्त्री जाति से व्यवस्थित विद्वेष चलता आ रहा है और पूरी दुनिया में महिलाओं को दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।"

'हैशटैग मीटू' अभियान सोशल मीडिया पर हॉलीवुड निर्माता हार्वे विंस्टीन के सैक्स स्कैंडल के बाद सामने आया था। विस्टींन के खिलाफ उनके साथ काम करने वाली कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसके बाद दुनिया भर में महिलाओं ने अपने साथ हुए यौन दुर्व्यवहार की घटना को 'हैशटैग मीटू' अभियान के तहत बताया।

पीड़िता ने अपने पहले की पोस्ट में बताया था कि अंजुना के 44 वर्षीय निवासी इसीडोर फर्नाडिस ने उसके साथ तब छेड़छोड़ की, जब वह गोवा में गणतंत्र दिवस सप्ताहांत में उन्हें मोटरसाइकिल टैक्सी से कहीं ले जा रहा था।

पीड़िता ने पोस्ट के साथ आरोपी की फोटो को भी अपलोड किया था। पोस्ट अपलोड होने के कुछ घंटे बाद ही गोवा पुलिस ने फर्नाडिस को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की यौन उत्पीड़न, महिला के खिलाफ आपराधिक बल का प्रयोग और उत्पीड़न की धारा के तहत मामला दर्ज किया।

अपने आलोचकों को जवाब देते हुए, पीड़िता ने कहा कि पीड़िता को शर्मिदा करने के बदले, जिन्होंने यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई है, उसका समर्थन किया जाना चाहिए। पीड़िता ने कहा, "मैं इसपर विश्वास नहीं करती कि इस घटना का जवाब अधिक कपड़े पहनना, अकेले नहीं घूमना या साथ में हथियार रखना है। इसका जवाब है जागरूकता फैलाना, जो आवाज उठाते हैं, उनका समर्थन करना और पीड़िता को शर्मिदा करने का विरोध करना।"