पटना: राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने एक बयान में कहा कि राजद सत्ता में आई तो बिहार में शराबबंदी जारी रहेगी। हालांकि मद्यपान या इसको रखने के लिए जो कड़े सजा के प्रावधान किए गए हैं, उसमें ढील दी जाएगी। सिंह के मुताबिक बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद कानून 2016 के कथित 'ड्रैकोनियन' प्रावधानों यथा दस साल के कारावास की सजा तथा संपत्ति जब्ती आदि को रद्द किया जाएगा।

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रघुवंश ने बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद कानून 2016 के तहत दस साल के कारावास की सजा, संपत्ति जब्ती, शराब की बरामदगी होने पर परिवार के सभी सदस्यों सलाखों के पीछे जाने के प्रावधानों को 'ड्रैकोनियन' प्रावधान की संज्ञा देते हुए कहा कि उनकी पार्टी के प्रदेश में सत्ता में आने पर शराब की बिक्री और खपत पर प्रतिबंध बरकरार रहेगा पर वे इन प्रावधानों को रद्द कर देंगे ।

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उन्होंने बताया कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो ब्रेद एनालाइ्जर के जरिए शराब सेवन की जांच पर रोक लगा देंगे तथा पुलिस द्वारा इस कानून के नाम लोगों को परेशान नहीं करने देंगे । बता दें कि खासकर ट्रैफिक पुलिस शराबी ड्राइवरों को पकड़ने के लिए ब्रेद एनालाइजर का इस्तेमाल करती है।

वहीं जदयू ने रघुवंश प्रसाद सिंह के बयान को आड़े हाथों लिया है। जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने आरोप लगाया कि रघुवंश के इस बयान से राजद की शराब माफियाओं के साथ मिली भगत उजागर होती है। उल्लेखनीय है कि बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्णशराबबंदी लागू है ।

बिहार में शराबबंदी को लेकर सीएम नीतीश ने व्यक्तिगत दिलचस्पी दिखाई है। साथ ही तेज तर्रार अधिकारियों को शराबंबदी लागू करने और इससे जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई के लिए लगाया है।