हैदराबाद: उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने कहा कि नोटबंदी को लेकर केन्द्र सरकार को कई आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था, लेकिन नोटबंदी से शयनकक्ष और शौचालयों में रखा गया काला धन बैंक में पहुंचा। अब बैंक को इस बात का विश्लेषण करना है कि इसमें कितना काला धन है।

उन्होंने कहा कि इस सुधार से आम लोगों को कुछ समय के लिए परेशानी हुई है। इसी तरह जीएसटी के लागू होने से देश में भ्रष्टाचार, कर चोरी में कमी आएगी। उन्होंने आगे कहा कि बिना बिल के व्यापार करना भी संभव नहीं है। इसी तरह बिना ऑनलाईन के जरिये व्यापार करना भी संभव नहीं रह गया है।

इसे भी पढ़ें:

सांसद ओवैसी पर फेंका गया जूता, मुंबई में रैली के दौरान हुई घटना

छत्तीसगढ़ में पुलिस-सुरक्षा बल की संयुक्त कार्रवाई, 9 नक्सली गिरफ्तार

लव जिहाद मामला : सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हादिया की शादी में दखल नहीं, NIA जांच से बाहर

मंगलवार को हैदराबाद के केशव मेमोरियल एज्युकेशनल सोसाइटी कामर्स विभाग के नेतृत्व में आयोजित ' फाइनांस,मार्केटिंग और कर नीति-समकालीन परिस्थितियां और चुनौतियां ' को लेकर आयोजित 2 दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार में मुख्य अतिथी के रुप में उपस्थित उप राष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने अपने संबोधन में कहा कि कर भुगतान करना हम सभी का कर्तव्य है।

यदि सरकार को आय नहीं होती है तो जन कल्याणकारी कार्यक्रमों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। कर भुगतान के बाद ही देश की अर्थ व्यवस्था मजबूत होगी। इसके बाद ही लोगों पर कर का कम भार पड़ेगा।उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि विश्व बैंक,आईएमएफ के अनुसार वर्ष 2018 में भारत का जीडीपी दर 7.3 प्रतिशत रहने की संभावना है।

अगले 15 वर्षों में भारत विश्व के तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। अगले तीन वर्षों में भारत विकास के मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा। वेंकैया नायडू ने कहा कि छात्रों को केवल डिग्री हासिल करने से कुछ नहीं होगा। उन्हे शिक्षा के प्रति दिलचस्पी जगानी होगी। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में बदलाव की भी आश्यक है और समकालीन मुद्दों पर शिक्षा देनी होगी। इस कार्यक्रम में कई लोग उपस्थित थे।