रांची: लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले के तीसरे मामले में दोषी करार दिया गया है। इस मामले में लालू प्रसाद समेत कुल 12 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। दोषी ठहराए गए अहम नेताओं में लालू प्रसाद, जगन्नाथ मिश्र और विद्यासागर निषाद शामिल है। कोर्ट ने इस मामले में छह लोगों को बरी कर दिया है।

एक बार फिर राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि सजायाफ्ता का एक मामला हो या तीन मामला इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि लालू को दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी पार्टी और मजबूत होगी। रघुवंश ने उम्मीद जताई कि उनके नेता को उच्चतर न्यायालय में राहत मिलेगी।

कुल पांच मामलों में घिरे लालू को तीन मामले में दोषी करार दिया गया है। इस मामले में कुल छह राजनेता शामिल हैं। कुल छप्पन आरोपियों में लालू प्रसाद और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा जैसे बड़े नेता शामिल हैं। हालांकि जगन्नाथ मिश्रा आज कोर्ट नहीं पहुंचे थे।

जानकारों के मुताबिक लालू को ताजा फैसले के बाद हाईकोर्ट से बेल लेने में दिक्कत हो सकती है। कोर्ट उन्हें हैबिचुअल ऑफेंडर मानते हुए बेल की याचिका खारिज कर सकता है।

बता दें कि ताजा चाईबासा मामले में बहस दस जनवरी को ही पूरी कर ली गई थी। जिस पर आज फैसला सुनाते हुए लालू प्रसाद व अन्य को दोषी करार दिया गया। चारा घोटाला का ये मामला लगभग 950 करोड़ रुपये का है। वहीं चाईबासा कोषागार से 35 करोड़, 62 लाख रुपये फर्जी निकासी हुई थी।

सीबीआई के विशेष न्यायाधीष स्वर्ण शंकर प्रसाद की अदालत ने आज की सुनवाई में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया है। बता दें कि इससे पहले छह जनवरी को रांची में ही सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने लालू यादव को देवघर कोषागार अवैध निकासी मामले में साढ़े तीन साल की सजा सुनाई थी।