श्रीनगर : जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने रविवार को 21 जनवरी 1990 को हुई 55 लोगों की हत्याओं के विरोध में आहूत प्रदर्शन को रोकने के लिए श्रीनगर के कुछ हिस्सों में प्रतिबंध लगा दिया है। रैनावाड़ी, खानयार, नौहट्टा, एम.आर गंज, सफा कदल, मैसुमा, क्रालखुद समेत सात पुलिस स्टेशनों के अंतर्गत आने वाले इलाकों में धारा 144 लगाई गई है।

अलगाववादियों के एक समूह ने 'गांव कादल नरसंहार' की 28वीं वर्षगांठ पर विरोध प्रदर्शन आहूत किया है। इस नरसंहार के दौरान कथित तौर पर 55 लोग मारे गए थे और कई लोग घायल हो गए थे, जब सुरक्षा बलों ने रात के समय घर-घर चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान सरकारी बलों के उत्पीड़न के खिलाफ विरोध कर रहे लोगों पर गोलियां चलाई थीं।

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एक बयान के अनुसार, "रविवार को रैनावाड़ी, खानयार, नौहट्टा, एम.आर गंज, सफा कदल, मैसुमा, क्रालखुद समेत सात पुलिस स्टेशनों के अंतर्गत आने वाले इलाकों में धारा 144 लागू रहेगी।"

प्रतिबंधित व संवेदनशील इलाकों में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और राज्य पुलिस बलों की टुकड़ियों को तैनात किया गया है।

वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए कंटीली तारें लगाई गई हैं। इन इलाकों में केवल आपातकाल स्थिति में ही पैदल आवागमन की अनुमति है।

-आईएएनएस