उसके साथ तेज आवाज आने से डरे लोगों को लगा कि वह कोई बड़ा पत्थर, मिसाइल, बम या कोई उल्का है। राजबीर यादव गेहूं के खेत में था जब उसने जमीन पर ‘‘बड़ा सा पत्थर'' गिरते देखा और उसके साथ ही वहां एक फुट गहरा गड्ढा बन गया। एक दूसरे गांववाले सुखबीर सिंह ने कहा कि डरा-घबराया हुआ यादव गांव के सरपंच की तरफ भागा।

खबर जंगल में आग की तरह फैल गयी और कुछ मिनट बाद घटनास्थल पर गांववालों की भीड़ जमा हो गयी लेकिन बाद में पता चला कि वह इंसान का मल था। जहां गांव के बड़े-बूढ़े अपना-अपना अंदाज लगा रहे थे कि वह क्या है, वहीं, बच्चे कह रहे थे कि यह परग्रहियों का कोई तोहफा है। एब बच्चे ने कहा, ‘‘यह परग्रहियों का दिया हुआ सफेद, पवित्र पत्थर है।'

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उसने कहा, ‘‘ ‘कोई मिल गया' के जादू (परग्रही किरदार) के पास ऐसा ही पत्थर था।'' पटौदी के उपसंभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) विवेक कालिया ने पीटीआई-भाषा को बताया कि लोग उसके टुकड़े अपने घर ले गए और संभालकर फ्रिज में रख दिया। कुछ लोग जिला प्रशासन के पास गए और कालिया के नेतृत्व में मौसम विभाग एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों की एक टीम बनायी गयी।

उन्होंने बताया कि टीम ने पाया कि गांववाले जिसे परग्रहियों का तोहफा बता रहे थे, वह दरअसल ‘ब्लू आइस' है। ‘ब्लू आइस'' विमान के शौचालय से निकलने वाले जमे हुए अपशिष्ट को कहते हैं। कालिया ने कहा, ‘‘यह किसी विमान से बीच हवा में बाहर निकाला गया मानव मल प्रतीत होता है। फॉरेंसिक टीम ने इसका पता लगाने के लिए एक नमूना भोंडसी स्थित प्रयोगशाला में भेजा है। सोमवार तक इसकी रिपोर्ट आ जाएगी।'