भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अपने अंगरक्षक को कथित तौर पर थप्पड़ मारे जाने का वीडियो वायरल होने पर राज्य की सियासत गरमा गई है। विपक्षी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के कृत्य को 'सत्ता का मद' करार देते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की मांग की है।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि सत्ता का मद, खिसकता जनाधार और असफल नीतियों की खीज मुख्यमंत्री से लेकर संत्री तक सार्वजनिक रूप से व्यक्त करने लगे हैं।

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सिंह ने कहा कि शिवराज का धार जिले के सरदारपुर में चुनाव प्रचार के दौरान सुरक्षाकर्मी पर हाथ उठाना और उसे काम करने से रोकना शासकीय कार्य में बाधा डालना है। इसके लिए मुख्यमंत्री के खिलाफ धारा 353 के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह राजगढ़ के भाजपा के जिलाध्यक्ष बद्रीलाल यादव द्वारा दिए गए अमर्यादित बयान और महिदपुर के विधायक बहादुर सिंह चौहान द्वारा खुलेआम की जा रही गुंडागर्दी के बाद भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न होना बताता है कि अब भाजपा सरकार के दिन पूरे हो चुके हैं।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने मुख्यमंत्री द्वारा अपने सुरक्षाकर्मी को चांटा मारे जाने और उसे धक्का दिए जाने की गंभीर घटना के बाद उनके विरुद्ध धारा 332 और 353 के तहत मामला दर्ज किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दो कानून एक साथ नहीं चल सकते कि आम आदमी के विरुद्ध मामला दर्ज हो और मुख्यमंत्री को तमाम प्रमाणों के बावजूद छोड़ दिया जाए।

मुख्यमंत्री शिवराज ने रविवार को धार जिले के सरदारपुर में रोड शो किया था। उस रोड शो का एक वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें मुख्यमंत्री को अपने अंगरक्षक को थप्पड़ मारते और धक्का देकर अपने से दूर करते देखा जा रहा है।