बिहार को बूथ कैप्चरिंग से आजाद कराने वाले पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस तरह गुजारे जिंदगी के आखिरी कुछ दिन

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन (सौ. सोशल मीडिया) - Sakshi Samachar

चेन्नई : 90 के दशक में बिहार राज्य में निष्पक्ष चुनाव कराकर सिस्टम में बदलाव लाने वाले पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन से भला कौन परिचित नहीं होगा। सोमवार को उनका 86 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने जिंदगी के कुछ आखिरी साल चेन्नई के एक ओल्ड एज होम में बिताए।

टीएन शेषन ने 90 के दशक में मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार संभाला था। उस वक्त बिहार में निष्पक्ष चुनाव कराना सबसे बड़ी चुनौती थी। उन्होंने इस चुनौती को बखूबी निभाते हुए राजनीतिक पार्टियों को आयोग की ताकत से अवगत कराया।

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन (सौ. सोशल मीडिया) 

सिस्टम में बदलाव करते हुए टीएन शेषन ने पहली बार चुनाव के दौरान चरणों में मतदान कराने की प्रक्रिया शुरू की। पांच चरणों में बिहार का विधानसभा चुनाव कराया गया और यह चुनाव राजनीतिक इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ। तभी से चुनाव चरणों में शुरू हो गए।

हालांकि बाद में टीएन शेषन गुमनामी की जिंदगी जी रहे थे। बताया जाता है कि बीमारी से जूझ रहे शेषन अपने फ्लैट में अकेले रहते थे। उन्हें भूलने की भी बीमारी हो गई थी। इसलिए उन्हें एक ओल्ड एज होम में भर्ती कराया गया था। वहां से कई साल बाद ठीक होकर वह अपने फ्लैट में आए, लेकिन वह अक्सर ओल्ड एज होम में पहुंच जाते थे।

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