इस्लामाबाद : पाकिस्तान की जेल में कथित रुप से जासूसी के मामले में बंद भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव ने सोमवार को अपनी पत्नी और मां से मुलाकात की, लेकिन उनके बीच कांच की एक दीवार थी। पिछले साल मार्च में गिरफ्तारी के बाद से जाधव की उनसे यह पहली मुलाकात है।

करीब 40 मिनट की बैठक भारी सुरक्षा वाले विदेश मंत्रालय की इमारत में हुई। अंतरराष्ट्रीय अदालत ने मई में पाकिस्तान से जाधव को सुनाई गयी मौत की सजा पर रोक के लिए कहा था। विदेश कार्यालय ने जाधव का एक नया वीडियो संदेश भी जारी किया जिसमें उसे अपनी पत्नी और मां से मुलाकात कराने के लिए पाकिस्तान सरकार का शुक्रिया अदा करते देखा जा सकता है।

पाकिस्तान ने इस मुलाकात को देश के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के जन्मदिन के मौके पर मानवीय कदम के तौर पर प्रदर्शित किया।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने ट्वीट किया, पाकिस्तान कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना के जन्मदिन पर कमांडर जाधव की पत्नी और मां की उनसे मुलाकात की मानवीय कदम के तौर पर अनुमति देता है। ट्वीट में जाधव की पहचान भारत के पूर्व नौसैनिक अधिकारी के रुप में की गयी है। पाकिस्तान का दावा है कि उसके सुरक्षा बलों ने जाधव को उसके अशांत बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया था।

पड़ोसी देश ने यह दावा भी किया कि जाधव ईरान से पाकिस्तान में घुसे थे। दावा किया गया कि उनके पास एक भारतीय पासपोर्ट था जिसमें उनकी पहचान हुसैन मुबारक पटेल के रुप में की गयी। हालांकि भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था जहां वह भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद कारोबार के सिलसिले में थे।