नई दिल्ली : भारत ने गुरुवार को एक बार फिर जोर दिया कि पाकिस्तान में फर्जी प्रक्रिया के जरिये कुलभूषण जाधव को मौत की सजा सुनाई गई, साथ ही उसने जाधव को राजनयिक पहुंच सुलभ कराने की मांग को भी दोहराया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार जाधव की मां और पत्नी की पाकिस्तान यात्रा को लेकर काम कर रही है जहां वे उनसे मिलने जायेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान से बार-बार यह मांग की है कि राजनयिक संबंधों पर विएना संधि के तहत पाकिस्तान में जेल में बंद जाधव एवं अन्य कैदियों को राजनयिक पहुंच सुलभ करायी जाए।

रवीश कुमार ने कहा कि हमने मई में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय से अपील की थी क्योंकि हमें विश्वास था कि विएना संधि का उल्लंघन किया गया है। हम एक बार फिर से अपनी स्थिति स्पष्ट करते हैं कि पाकिस्तान की जेल में बंद जाधव को फर्जी प्रक्रिया के तहत मौत की सजा सुनाई गई।

उल्लेखनीय है कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को जासूसी और आतंकवाद के मामले में इस साल अप्रैल में पाकिस्तान की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने मई महीने में अंतरराष्ट्रीय अदालत का रुख किया। अंतरराष्ट्रीय अदालत ने जाधव की फांसी की तामील पर रोक लगा दी।

पाकिस्तान ने आईसीजे में जाधव के लिए राजनयिक पहुंच के भारत के आग्रह को बुधवार को खारिज कर दिया और दावा किया कि भारत अपने जासूस द्वारा एकत्र की गई सूचना हासिल करना चाहता है।