नई दिल्ली : राज्यसभा सांसद शरद यादव ने गुजरात विधानसभा चुनाव में विपक्ष की एकजुटता को ही भाजपा को हराने का एकमात्र तरीका बताया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में कांग्रेस को जिम्मेदारी से अपनी भूमिका का निर्वाह करना होगा।

शरद यादव ने कहा कि है कि गुजरात में चूंकि विपक्ष की ओर से कांग्रेस ड्राइविंग सीट पर बैठी है, लिहाजा उसकी यह जिम्मेदारी है कि वह राज्य में राजनीतिक कौशल और उदारता के साथ अलग-अलग सामाजिक ताकतों को एकजुट करे।

उन्होंने कहा कि कोई कारण नहीं है कि कांग्रेस अपनी इस जिम्मेदारी को निभाने से पीछे हटेगी। गुजरात में सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद की खबरों के बीच शरद यादव ने कहा कि चूंकि कांग्रेस लंबे समय तक अकेले सत्ता में रही है इसलिए पहले वह गठबंधन की राजनीति में ज्यादा माहिर नहीं थी। लेकिन अब वह गठबंधन राजनीति के तकाजों और उसकी संवेदनशीलता को समझने लगी है।

उन्होंने हालाँकि कहा भाजपा हर चुनाव वजूद का सवाल बना कर लड़ती है और इसके लिये किसी भी तरह के उपायों से परहेज नहीं करती। भाजपा किसी भी दल के साथ सहजता से गठबंधन करती है जबकि कांग्रेस अनमने मन से गठजोड़ करती है।

यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के चुनावों के बाद देश में आम आदमी की सोच में बदलाव आया है। वरिष्ठ नेता से पूछा गया था कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार चुनाव जीत रही है और लोगों का भरोसा उन पर कायम है।

यादव ने कहा, चार बड़ी घटनाओं- नोटबंदी, जीएसटी, बिहार में महागठबंधन की टूट और गुजरात में राज्यसभा की एक सीट के लिये मची अफरा-तफरी ने आमजन को सोचने पर मजबूर किया है। पिछले तीन वर्ष से देश में घूम फिर कर हिंदू-मुसलमान के ईद गिर्द ही चर्चा होती रही है।