जयपुर : राजस्थान में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लोकसभा की अजमेर और अलवर सीट तथा भीलवाड़ा जिले की मांडलगढ़ विधानसभा सीट के प्रस्तावित उप चुनाव की तैयारियों में जुटी हैं।

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की पूरी कोशिश है कि इन तीनों सीटों पर भाजपा का कब्जा बरकरार रहे और इसके लिए वह इन दिनों ताबड़तोड़ दौरे कर आम लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं के समाधान में जुटी हैं, जबकि इन सीटों पर कब्जा जमाने की फिराक में लगी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट राजे सरकार की कथित विफलताओं को उजागर करके मतदाताओं का मोह भंग करने की कोशिश में हैं।

अजमेर और अलवर लोकसभा सीटों पर क्रमश: प्रो सांवर लाल जाट और चांद नाथ योगी के निधन के बाद उपचुनाव कराने की जरुरत पैदा हुई, जबकि कीर्ति कुमारी के असामयिक निधन के कारण मांडलगढ़ विधानसभा पर उपचुनाव होना है। यह तीनों सीटें अभी भाजपा के पास थी।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने तीनों उपचुनाव में टिकट के मुददे पर कहा कि पार्टी और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपने-अपने स्तर पर सर्वे करवा रहे हैं और कोई भी फैसला कार्यकर्ताओं और मतदाताओं की साझा राय से ही किया जाएगा।

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राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने भी तीनों सीटों के लिए पार्टी उम्मीदवार के बारे में कहा कि कार्यकर्ताओं और मतदाताओं की प्रसंद पर आलाकमान निर्णय करेगा।

वर्ष 2014 में मोदी लहर में हुए लोकसभा चुनाव में अजमेर लोक सभा सीट से भाजपा के प्रो सांवर लाल जाट ने कांग्रेस उम्मीदवार सचिन पायलट को एक लाख 71 हजार 983 मतों से पराजित किया था वहीं अलवर लोकसभा सीट पर चांद नाथ ने कांग्रेस के भंवर जितेन्द्र सिंह को दो लाख 83 हजार 895 मतों से परास्त किया था।

प्रदेश की सत्ताधारी भाजपा अगले साल राज्य के प्रस्तावित विधानसभा चुनाव में तीनों उप चुनाव में ऐतिहासिक जीत के सहारे जाना चाहती है, वहीं काग्रेंस भी इस चुनाव में भाजपा को पराजित कर प्रदेश में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए बैचेन है ताकि उसे अगले साल विधानसभा चुनाव में फायदा मिल सके।

प्रदेश में मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण का काम चल रहा है। राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अश्विनी भगत के अनुसार राज्य मतदाता सूचियों का प्रारुप प्रकाशन 30 अक्टूबर को किया जायेगा। मतदान केंद्रों पर दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 30 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक रखी गयी है। मतदाता सूचियों का अन्तिम प्रकाशन 5 जनवरी को किया जायेगा।