नई दिल्ली : हिमाचल प्रदेश विधानसभा के कुल 68 सीटों पर मतदान गुरुवार शाम को खत्म हो गया। राज्यभर के 50 लाख से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस बार 19 महिलाओं सहित कुल 337 उम्मीदावार इस बार चुनाव मैदान में हैं। हिमाचल प्रदेश में शाम पांच बजे तक 74 प्रतिशत से अधिक मतदान होने की खबर है।

हालांकि अधिकारी का आकंड़ा अभी तक जारी नहीं हुआ है। यहां मुख्य मुकाबला देश की दो बड़ी पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के बीच हैं। इस बीच, भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के कैंडिडेट प्रेम कुमार धुमाल ने कुल 68 सीटों के मुकाबले 60 सीटों पर जीत दर्ज कर राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा किया है।

चुनाव आयोग ने पहली बार सभी बूथों पर वीवीपीएटी लगे ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल किया है। ताकि गोपनीयता के मामले में किसी तरह का कोई समझौता ना हो सके। आयोग ने शांतिपूर्ण चुनाव के लिए करीब 37,000 कर्मचारियों-अधिकारियों की तैनाती की थी।

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इनके अलावा 17,770 पुलिसकर्मियों और होमगार्ड के जवानों को भी तैनात किया था। कांग्रेस ने निवर्तमान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के तौर पर खड़ा किया है जबकि भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल मैदान में हैं। वीरभद्र सिंह और धूमल दोनों ने ही अपने गृहनगरों रामपुर और समीरपुर में परिवार के सदस्यों के साथ वोट डाले।

लाहौल-स्पीति जिले का हिक्किम मतदान केंद्र देश में सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित मतदान केंद्र है। यह 14,567 फीट की ऊंचाई पर है और यहां 194 मतदाता हैं। वहीं, किन्नौर में का गांव में सबसे कम छह मतदाता हैं। राज्य में मतदान प्रक्रिया की शुरुआत धीमी रही। शुरुआती घंटे में पांच फीसदी से भी कम मतदान हुआ।

सुबह 10 बजे तक 13 फीसदी मतदान हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं बड़ी संख्या में मतदान करने घर से निकल रही हैं। कांग्रेस और भाजपा ने सभी 68 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं जबकि बहुजन समाज पार्टी ने 42 सीटों और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पाटी (माकपा) ने 14 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। मतगणना 18 दिसंबर को गुजरात चुनाव की मतगणना के साथ ही होगी।