पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने नोटबंदी तथा माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की विपक्ष की आलोचना के औचित्य पर आज सवाल उठाते हुए कहा कि नई कर व्यवस्था का प्रस्ताव तो पूर्ववर्ती कांग्रेसनीत सरकार ने ही लाया था। उन्होंने नोटबंदी को भी काला धन के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम बताया।

कुमार ने अपने साप्ताहिक कार्यक्रम लोक संवाद से इतर संवाददाताओं से कहा, मैं जीएसटी की अचानक होने लगी आलोचना का औचित्य नहीं समझ पाता। इस मामले में हमारा पक्ष हमेशा स्पष्ट रहा है। हमने नई कर व्यवस्था का समर्थन तब भी किया था जब हम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा नहीं थे।

कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, हालांकि राजग सरकार द्वारा लायी गयी नई कर व्यवस्था में जिन्हें अचानक खामियां दिखने लगी हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि इसका पहला प्रस्ताव संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) ने ही दिया था। कुमार ने नोटबंदी की पहली सालगिरह पर आठ नवंबर को विभिन्न दलों द्वारा नियोजित विरोध प्रदर्शनों को खारिज करते हुए कहा, यह कठोर निर्णय था, पर काला धन रोकने के लिए जरुरी था।

मुझे आश्चर्य होता है विरोध कर रही पार्टियां लोगों को क्या संदेश देना चाहती हैं। उन्होंने गुजरात के विधानसभा चुनाव में प्रचार में हिस्सा लेने के सवाल को दरकिनार कर दिया। वहां उनकी पार्टी जनता दल यू ने कुछ सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।

गुजरात चुनाव में ज्वलंत मुद्दा बन चुके पाटीदारों के आरक्षण की मांग के बारे में उन्होंने कहा, हम इस मांग का पूरी तरह समर्थन करते हैं। यह हमारा मानना है कि इस तरह की मांगों की जड कृषिसंकट में है।

हम कोई हल सिर्फ तभी खोज सकते हैं जब हमें मालूम हो कि समस्या क्या है। अपनी पार्टी के बागी नेता शरद यादव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने व्यंगात्मक ढंग से कहा, मुझे खुशी है कि उन्हें इधर चार महीनों में इतनी लोकप्रियता मिल गयी जो उन्हें पिछले 40 सालों से नहीं मिली थी।