नई दिल्ली : तिहाड़ जेल के अंदर एक ब्रिटिश नागरिक द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकायत पर दिल्ली की अदालत ने जेल अधिकारियों से जवाब मांगा है। वह आतंकवादी गतिविधियों के लिए अल-कायदा की खातिर कथित तौर पर युवकों की भर्ती करने के मामले में जेल में बंद है।

बांग्लादेशी मूल के 27 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक शमीउन रहमान को सितम्बर में आतंकवादी संगठनों के लिए रोहिंग्या मुसलमानों की भर्ती करने और म्यामां की सेना के खिलाफ लड़ने के लिए प्रशिक्षित करने में कथित तौर पर संलिप्त रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा के समक्ष दायर आवेदन में उसने आरोप लगाए कि तिहाड़ जेल के सुरक्षाकर्मी उसका कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करते हैं और जेल अधिकारी उससे अमानवीय बर्ताव करते हैं।

आरोपी ने कहा कि वह जेल के अंदर अमानवीय स्थिति में रहने के लिए मजबूर है और वहां खाना, पेयजल, साफ-सफाई और चिकित्सकीय सहायता जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने आरोप लगाया था कि रहमान उर्फ राजू भाई के कट्टर बनने की प्रक्रिया लंदन की जेल में शुरू हुई थी जहां वह लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में बंद था।

वह किशनगंज (बिहार), हजारीबाग (झारखंड), एनसीआर और अन्य स्थानों के मदरसे में ठहरा। वह मिजोरम या मणिपुर में अपना शिविर बनाना चाहता था ताकि कट्टर बनाए गए युवकों को प्रशिक्षित किया जा सके।