करीमनगर (तेलंगाना) : जिला मुख्यालय में कार्यरत एक एआर कांस्टेबल ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि कांस्टेबल लंबे समय से अस्वस्थ होने के कारण कांस्टेबल ने खुदकुशी कर ली है।

जिले के कोत्तपल्ली मंडल के बाहुपेट गांव निवासी दूलम चंद्रय्या गौड़ (42) वर्ष 1995 में एआर कांस्टेबल नियुक्त हुआ था। उसने डीआईजी, एसपी और डीएसपी के गनमैन की ड्यूटी की। सतर्कता विभाग में करीब छह वर्षों तक काम करने के बाद इसी महीने की एक तारीख को वापस अपनी ड्यूटी पर लौट आया, लेकिन विगत कुछ समय से मानसिक तनाव का शिकार कांस्टेबल हैदराबाद में अपना इलाज करवा रहा था।

इसी क्रम में चंद्रय्या शनिवार सुबह 10 बजे के करीब एस्कार्ट ड्यूटी के लिये रवाना हो गया। शस्त्रगार से 875 नंबर का एसएलआर (सेल्स लोडिंग राइफिल) लेकर रेस्टरूम के निकट गया और एसएलआर की नली अपने मुंह में रखकर गोली चला दी।

इससे बुलेट उसके सिर को चीरता हुआ बाहर निकल गया। बंदूक चलने की आवाज पर साथी पुलिसकर्मी जब तक मौके पर पहुंच पाते, उसकी मौत हो चुकी थी। डीआईजी रविवर्मा, पुलिस आयुक्त कमलहासन रेड्डी, करीमनगर के एसीपी रामाराव, वन टाउन के सीआई तुला श्रीनिवास राव, महेश गौड़़ सहीत क्लूस टीम ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। मृत कांस्टेबल को पत्नी कृष्णवेणी, बेटा राहुल (18) और बेटी रवीना (17) है।

बीमारी के कारण ही कांस्टेबल ने की आत्महत्या : कमलहासन रेड्डी

करीमनगर के पुलिस आयुक्त कमलासन रेड्डी ने कहा कि अस्वस्थता के कारण ही चंद्रय्या ने आत्महत्या कर ली है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से सभी सबूत एकत्रित किये जा चुके हैं और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही आत्महत्या के असली कारणों का पता चलेगा।