पटना: गुजरात और बिहार में भले भौगोलिक दूरी कोसो हो लेकिन हाल के वर्षों में अगर देखा जाए तो दोनों राज्यों में होने वाले राजनीतिक उठा-पठक का असर एक दूसरे राज्य पर काफी पड़ता है। बिहार में महागठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाने के साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू दिग्गज शरद यादव के बीच तनातनी जारी है।

मंगलवार को गुजरात में राज्यसभा चुनाव क्या हुए, इसका खासकर परिणाम का सीधा असर चुनाव बिहार के सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड पर दिखने लगा हैं। अब ये तय माना जा रहा है कि जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष, नीतीश कुमार, देर-सबेर शरद यादव को बाहर का रास्ता दिखाएंगे।

सूत्रों की मानें तो शरद यादव को पार्टी से निलंबित किया जा सकता है, उनपर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।

पार्टी शरद यादव को राज्यसभा के नेता पद से हटा सकती है, पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर उनकी सदस्यता जा सकती है। उनकी जगह किसी नए नेता का चुनाव हो सकता है।

बता दें कि जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष गुरुवार से बिहार की तीन दिवसीय यात्रा शुरू करने वाले हैं। शरद यादव ने साथ ही बताया कि उन्होंने समान विचारों वाले नेताओं की 17 अगस्त को दिल्ली में बैठक बुलाई है।