बीजिंग: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने आज ब्रिक्स देशों से आतंकवाद से मुकाबले सहित क्षेत्रीय एवं वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों को लेकर नेतृत्व का परिचय देने का आह्वान किया।

ब्रिक्स (ब्राजील, रुस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में डोभाल ने कहा, ' 'हमें वैश्विक शांति एवं स्थिरता को प्रभावित करने वाले सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा करने के लिए ब्रिक्स की एक बैठक आयोजित करनी चाहिए।'' उन्होंने कहा कि पांच उभरते देशों के समूह को ' 'आतंकवाद से मुकाबले का नेतृत्व करना चाहिए।'' अपने चीनी समकक्ष यांग जेइची की मेजबानी में आयोजित बैठक में अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए डोभाल ने कहा कि ब्रिक्स देशों को क्षेत्रीय एवं वैश्विक महत्व के रणनीतिक मुद्दों, खासकर उन क्षेत्रों में जहां उनके बीच ' 'सहमति ' ' है, को लेकर नेतृत्व करना चाहिए।

उनके भाषण में डोकलाम में जारी तनातनी का कोई संदर्भ नहीं दिया गया. यांग और डोभाल भारत-चीन सीमा वार्ता में अपने अपने देश के विशेष प्रतिनिधि हैं. दोनों ने द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा के लिए कल एक अलग बैठक की थी.

समझा जाता है कि बैठक के दौरान उन्होंने सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में दोनों देशों की सेनाओं के बीच जारी तनातनी को लेकर चर्चा की.

इससे पहले चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि 'सुरक्षा मुद्दों पर ब्रिक्स के उच्च प्रतिनिधियों ' की सातवीं बैठक राजनीतिक सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा करने तथा उसे कार्यान्वित करने का एक प्रमुख मंच है.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि बैठक का उद्देश्य ब्रिक्स देशों के रणनीतिक संवाद, परस्पर राजनीतिक विश्वास तथा अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को बढाना है.

मंत्रालय ने कहा कि बैठक में वैश्विक शासन, आतंकवाद से मुकाबले, साइबर सुरक्षा एवं उर्जा सुरक्षा, संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय इलाकों और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विकास पर ध्यान दिया जाएगा.

इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल यहां ब्रिक्स देशों के दूसरे शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग से मिले।

सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में चीन और भारत के बीच जारी तनातनी के बीच यह बैठक हुई।

कई क्षेत्रों में सहयोग बढाने को लेकर दिन भर चले विचार विमर्श के बाद ब्रिक्स (ब्राजील, रुस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देशों के एनएसए शी से मिले और बातचीत की।

चीन ने कल कहा था कि डोभाल और उनके चीनी समकक्ष यांग जीइची ब्रिक्स एनएसएस बैठक से इतर मिले और द्विपक्षीय संबंधों से जुडी ' 'प्रमुख समस्याओं ' ' पर चर्चा की। हालांकि चीन ने डोकलाम में जारी तनातनी का कोई उल्लेख नहीं किया।

16 जून को तनातनी शुरु होने के बाद से चीन लगातार कहता आया है कि भारतीय सैनिकों की बिना किसी शर्त वापसी के बगैर कोई सार्थक बातचीत नहीं होगी।

आज की बैठक में चीनी अधिकारियों तथा ब्रिक्स देशों के एनएसए ने मीडिया के सामने हाथ नहीं मिलाए।