नई दिल्ली: स्वतंत्र तिब्बत की मांग को लेकर वाराणसी में एक विश्वविद्यालय परिसर में आत्मदाह करने का प्रयास करने वाले 19 वर्षीय एक छात्र की यहां के एक अस्पताल में मृत्यु हो गई।

वाराणसी में सेंट्रल यूनिवसर्टिी ऑफ तिब्बतन स्टडीज के छात्र तेंजिन चोयिंग की कल सफदरजंग अस्पताल में मृत्यु हो गई. सफदरजंग अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा, ''विशेष इलाज के लिये वाराणसी के अस्पताल से यहां स्थानांतरित किये जाने के कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई।'' उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव को अधिकारियों को सौंपा जाएगा।

पुलिस के अनुसार तिब्बत में चीनी शासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए चोयिंग ने विश्वविद्यालय परिसर में गत 14 जुलाई को खुद को आग के हवाले कर दिया था और दिल्ली स्थानांतरित करने से पहले वाराणसी के अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था। वाराणसी में पुलिस ने कहा था कि प्रत्यक्षदशर्यिों के विवरण के अनुसार चोयिंग ने अपने शरीर पर किरोसिन तेल डालने से और खुद को आग के हवाले करने से पहले 'स्वतंत्रता ' के नारे लगाए। पुलिस हर संभावना को तलाश रही है, जिसकी वजह से तिब्बती छात्र ने इस तरह का कदम उठाया। इसमें परीक्षा में फेल होना भी शामिल है. इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत के अनुसार 2009 से अब तक 150 तिब्बतियों ने आत्मदाह किया है।