बेंगलुरु : अचानक किये गये फैसले में, कर्नाटक की परापन्ना अग्रहारा सेंट्रल जेल में सजा काट रहे 32 दोषियों को कथित रूप से शिकायतें करने का प्रयास करने पर दो अन्य जेलों में स्थानान्तरित कर दिया गया।

एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि दोषियों को देर रात करीब एक बजे बेल्लारी और बेलागवी जेल स्थानान्तरित किया गया।

दोषियों को ऐसे समय स्थानान्तरित किया गया जब कुछ दिन पहले डीआईजी (जेल) डी रूपा ने डीजीपी (जेल) सत्यनारायण राव को एक रिपोर्ट सौंपकर आरोप लगाया था कि ऐसी ''बातें'' हो रही हैं कि अन्नाद्रमुक (अम्मा) प्रमुख वी के शशिकला के लिए विशेष इंतजाम करने के लिए दो करोड़ रुपये दिये गये और उनके खिलाफ भी आरोप हैं।

डीजीपी ने इस आरोप को खारिज किया, जबकि राज्य सरकार ने 13 जुलाई को इन आरोपों की उच्चस्तीय जांच के आदेश दिये थे।

अधिकारी ने कहा ''परापन्ना अग्रहारा जेल में बंद 32 दोषियों को बेल्लारी और बेलागवी जेलों में स्थानान्तरित किया गया। उन्हें इसलिए स्थानान्तरित किया गया क्योंकि उन्होंने अपनी शिकायतें रखने का प्रयास किया और मुख्य जेल अधीक्षक सहित जेल के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।''

अधिकारी ने कहा कि कैदी रूपा से मिलने के प्रयास में थे, क्योंकि उनका मानना था कि वह उनकी समस्याओं को सुलझा सकती हैं।

अधिकारी ने कहा कि कैदी जेल अधीक्षक के आचरण से नाखुश थे और उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अतीत में कई मौकों पर अपनी चिंताएं रखने के लिए उनकी पिटाई की।

एक अन्य घटनाक्रम के तहत, रूपा ने राज्य के अधिकारियों को दूसरी रिपोर्ट सौंपी।

उन्होंने यहां पीटीआई से कहा, ''हां, मैंने कल अपनी दूसरी रिपोर्ट सौंपी है।''