नई दिल्ली : इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर देश की विभिन्न पार्टियों द्वारा उठाए गए सवालों के बीच निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को कहा कि भविष्य में होने वाले सभी चुनावों में वोटर-वेरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त नसीम जैदी ने यहां सर्वदलीय बैठक के बाद कहा, "आयोग ने राजनीतिक दलों के समक्ष कहा है कि भविष्य में जितने भी चुनाव होंगे, उनमें वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा।"

चुनाव आयोग ने आज कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों में इस्तेमाल हुई ‘इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों' (ईवीएम) से छेड़छाड़ होने को साबित करने के लिए वह राजनीतिक दलों को एक अवसर देगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने यहां राजनीतिक दलों की एक बैठक में कहा कि इस सिलसिले में एक चुनौती पेश किए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि ईवीएम के साथ ‘वीवीपीएटी' प्रणाली पूरी विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी तथा सभी विवादों को खत्म करेगी लेकिन आयोग आज की बैठक के बाद एक चुनौती रखेगा।''

जैदी ने कहा, ‘‘आयोग राजनीतिक दलों को यह प्रदर्शित करने का अवसर देगा कि हालिया चुनाव में इस्तेमाल हुए ईवीएम से छेड़छाड़ हुई थी या चुनाव के दौरान सख्त तकनीकी और प्रशासनिक सुरक्षा होने के बावजूद ईवीएम से छेड़छाड़ हो सकती है।''

हालांकि, उन्होंने बैठक की शुरुआत में घोषित प्रस्तावित चुनौती के लिए कोई तारीख नहीं बताई। जैदी ने यह भी कहा कि आयोग का कोई पसंदीदा नहीं है और यह सभी पार्टियों से समान दूरी रखता है। उन्होंने कहा कि आपको इस बात से सहमत होना चाहिए कि चुनाव आयोग का कोई पसंदीदा नहीं है।