नोएडा: उत्तर प्रदेश की एटीएस ने 6 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। इसके लिए पांच राज्यों की पुलिस से सहयोग लिया गया है। ये गिरफ्तारियां यूपी के बिजनौर और मुजफ्फराबाद, मुंबई, जालंधर और बिहार के नरकटियागंज से की गई है। ये सभी गिरफ्तारियां आईबी के इनपुट्स के आधार पर की गई है। साथ ही पुलिस इनके खिलाफ सुबूत जुटाने पर काम कर रही है।

यूपी पुलिस के मुताबिक ये सभी सेल्फ मोटिवेटेड हैं, जबकि इनका किसी संगठन से कोई लेना देना नहीं है।

पूरे ऑपरेशन में यूपी पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम, आंध्र प्रदेश पुलिस, महाराष्ट्र एटीएस, पंजाब और बिहार पुलिस भी शामिल थी। यूपी पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, ये लोग बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। साथ ही एक टीम भी तैयार करने में जुटे थे। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली पुलिस और यूपी एटीएस ने इन लोगों के आईएसआईएस के मॉड्यूल से जुड़े होने का शक जताया है। हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई जानकारी सामने आई नहीं है।

यूपी पुलिस के सूत्रों के मुताबिक आईएसआईएस ने पश्चिमी यूपी में अपने 'स्लीपिंग माड्यूल्स' को एक बार फिर सक्रिय कर दिया है। यूपी एटीएस को इसकी जानकारी लगातार मिल रही थी, जिसके बाद यह धड़पकड़ की गई।

इससे पहले 7 मार्च की सुबह एमपी के शाजापुर में भोपाल-पैसेंजर ट्रेन में IED ब्लास्ट हुआ था। इसमें 10 लोग जख्मी हुए थे। ब्लास्ट के बाद दोपहर को एमपी पुलिस ने पिपरिया के एक टोल नाके से बस रोककर चार सस्पेक्ट पकड़े। इनकी गिरफ्तारी के बाद यूपी एटीएस ने कानपुर से दो और इटावा से एक संदिग्ध को अरेस्ट किया था।

इन संदिग्धों से मिली इन्फॉर्मेशन और इंटेलिजेंस इनपुट के बाद यूपी एटीएस ने लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई की थी। यह एक घर में छुपा हुआ था। एटीएस ने पहले सैफुल्लाह को सरेंडर करने के लिए कहा था। बाद में 11 घंटे चले एनकाउंटर के बाद उसे मार गिराया गया। उसके पास से 8 रिवॉल्वर, 650 कारतूस, कई बम और रेलवे का मैप मिला था।