इलाहाबाद: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के शपथ लेते ही पहली जघन्य राजनीतिक हत्या सामने आई। इलाहाबाद में बसपा के नेता और पूर्व ब्लॉक प्रमुख को उनके ही दफ्तर में गोलियों से भून दिया गया। इस घटना में 60 वर्षीय बसपा नेता मोहम्मद समी की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्याकांड में कथित तौर पर तीन लोगों के शामिल होने की बात की जा रही है। जिनकी पहचान भी कर ली गई है। घटना के बाद से ही इलाके में सनसनी फैल गई। आनन फानन में कई राजनीतिक नेता मौके पर पहुंचे और इसे नई सरकार के लिए बड़ी चुनौती करार दिया।

मोहम्मद समी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी छोड़कर बसपा में शामिल हुए थे। हालांकि हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है लेकिन मामले में सियासी अदावत की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।

तीन बार ब्लॉक प्रमुख रह चुके मोहम्मद समी स्थानीय लोगों के बीच काफी पसंद किए जाते थे। इन्होंने विधानसभा चुनाव में भी एक बार हाथ आजमाया था। इनकी हत्या के बाद से ही इलाके में तनाव फैल गया।

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हत्याकांड में मृतक समी के बेटे ने सुधीर कुमार मौर्य, साबिर अली और विहिप नेता अभिषेक यादव समेत कई के खिलाफ तहरीर दी। अभिषेक यादव वही है जो कुछ महीने पहले मुहर्रम की मजलिस में बुर्का पहन कर लड़कियों के बीच पहुंचा था, फिर पिटाई के बाद जेल गया था। इसके बाद से वह समी से अदावत रखने लगा था।

अब देखना होगा कि यूपी की नई नवेली योगी सरकार मामले को किस तरीके से हैंडल करती है। अल्पसंख्यक नेता की मौत पर जांच को लेकर भी लोग आशंकित हैं। ऐसे में सरकार के लिए ये परीक्षा की घड़ी होगी कि लोगों को भयमुक्त माहौल देते हुए असली अपराधी को पकड़ा जाय।