हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने शनिवार को कहा कि तेलंगाना सरकार मौजूदा बजट सत्र में अनुसूचित जनजाति (एसटी) और मुसलमानों के लिए आरक्षण बढ़ाने से संबंधित दो विधेयक पारित करेगी।

उन्होंने राज्य विधानसभा में कहा कि दोनों विधेयक मौजूदा सत्र में पेश किए जाएंगे और पारित किए जाएंगे।

राव ने कहा कि इसके बाद उनकी अगुवाई में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार से विधेयकों को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने का आग्रह करने के लिए नई दिल्ली जाएगा, जिस तरह से तमिलनाडु के मामले में किया गया था।

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तेलंगाना के बजट सत्र की शुरुआत शुक्रवार (10 मार्च) को हुई और यह 27 मार्च तक चलेगा।

राव ने सदन को भरोसा दिलाया कि टीआरएस सरकार मुस्लिमों और एसटी कोटा को 12 फीसदी बढ़ाने की अपनी बचनबद्धता पूरी करेगी।

तेलंगाना के 3.52 करोड़ आबादी में मुस्लिम 12.68 फीसदी हैं। उन्हें मौजूदा समय में नौकरियों और शिक्षा में चार फीसदी आरक्षण मिला हुआ है।

एसटी तेलंगाना की जनसंख्या का 9.34 फीसदी हैं, उन्हें छह फीसदी आरक्षण मिला हुआ है।

मुस्लिम और एसटी के आरक्षण में बढ़ोतरी करने से राज्य में आरक्षण की सीमा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय 50 फीसदी से ऊपर हो जाएगी। इस वजह से इसके लिए संविधान संशोधन की जरूरत है।

संविधान की 9वीं अनुसूची के तहत कानूनों को अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती।

मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि यदि केंद्र सरकार कानून को 9वीं अनुसूची में शामिल करने से इनकार करती है तो राज्य कानूनी लड़ाई लड़ेगा।