नैरोबी: संयुक्त राष्ट्र के राहत कार्य से संबंधित प्रमुख ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से सूखाग्रस्त देश केन्या के उन 27 लाख लोगों के लिए पर सहायता मुहैया कराने की अपील, जिन्हें तत्काल भोजन और पानी उपलब्ध कराने की जरूरत है।

मानवीय मामलों के अवर महासचिव एवं आपातकालीन राहत समन्वयक स्टीफन ओ' ब्रीन ने नैरोबी में जारी अपने बयान में कहा कि दुनिया को सूखे के गंभीर हालात से जूझ रहे अफ्रीकी प्रायद्वीप हॉर्न और केन्या के लोगों की जान बचाने के लिए अब जरूरी कदम उठाना चाहिए।

ये भी पढ़ें:

युद्ध से अलेप्पो में 31,000 लोग विस्थापित : संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र और चीन ने इस्तांबुल में आतंकवादी हमले की निंदा की

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने ट्रंप की नीति की निंदा की

ब्रीन के मुताबिक, "दक्षिण सूडान में अकाल ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है, इस दशक में सोमालिया दूसरी बार खतरे में हैं और 27 लाख से ज्यादा केन्याई गंभीर रूप से भोजन असुरक्षा (भुखमरी) का सामना कर रहे हैं।"

सूखे से जूझ रहे अफ्रीका के हॉर्न प्रायद्वीप के लोगों को लगातार तीसरे साल प्यास और भूख का सामना करना पड़ रहा है, मवेशी मर चुके हैं, आजीविका के साधन नष्ट हो चुके है और कई बीमारियां फैल रही हैं।

केन्या के 47 काउंटी में से आधे काउंटी सूखे से प्रभावित हैं और सरकार ने सूखे को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया है।