इलाहाबादः इलाहाबाद के बादशाही मंडी में बने प्राचीन हनुमान मंदिर के पुजारी को उस वक्त हैरानी हुई। जब उसने मंदिर का कपाट खोला तो देखा कि भगवान की मूर्ति की आंखों से आंसू गिर रहे हैं। खबर फैलते देर नहीं लगी और भक्तों का जमावड़ा लग गया। इस दौरान लोग तरह तरह की बातें करने लगे।

अब इसे चमत्कार कहें, अफवाह या फिर कोई वैज्ञानिक कारण, लोगों के लिए ये घटना किसी कौतूहल से कम नहीं है। जानकारी के मुताबिक पुजारी राज भवन पांडेय ने नियम के मुताबिक सुबह सवेरे पूजा करने के लिए मंदिर का कपाट खोला तो उन्हें मूर्ति पर पानी की कुछ बूंदें गिरी नजर आई। करीब से देखने पर पुजारी को लगा जैसे ये पानी भगवान की आंखों से ही टपक रहा हो। फिर क्या था, उसने शोर मचाकर आस पास के लोगों को इकट्ठा कर लिया। फिर अफवाहों और अंधभक्ति का बाजार गर्म हो गया। बातें बनाने वाले तो यहां तक कहने लगे कि ये किसी प्राकृतिक आपदा का संकेत है।

इस घटना के बाद मंदिर में विशेष पूजा अर्चना शुरू हो गई। हाइटेक श्रद्धालु तो सेल्फी लेने की होड़ में लग गए। आम दिनों की अपेक्षा चढ़ावा भी खूब चढ़ने लगा। जितने मुंह उतनी बातें। कुछ लोगों ने कहा कि हर साल महाशिवरात्रि पर मंदिर में विशेष पूजा होती है। इस बार व्यवस्थापक की अनदेखी की वजह से आयोजन नहीं हुआ। संभवत: भगवान की नाराजगी का ये भी कारण हो सकता है।

वहीं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. जगदम्बा सिंह की माने तो मूर्ती पर लगे सिंदूर में मरक्यूरिक ऑक्साइड (HgO) होता है, जो पानी को सोखता रहता है। कुछ समय बाद जब मूर्ति में पानी की मात्रा अधिकतम स्तर तक पहुंच जाती है। तो मूर्ति पर पानी की कुछ बूंदें दिखना सामान्य सी बात है। हालांकि वैज्ञानिक तरीके से इसका टेस्ट नहीं करवाया गया है। वहीं मंदिर में उमड़ती श्रद्धालुओं की भीड़ की वजह से प्रशासन भी सजग है।