रायपुर : छत्तीसगढ़ के कोरबा में एनटीपीसी के विभागीय अस्पताल में चेकअप के लिए पहुंचीं गर्भवती महिलाओं को एक दवा कंपनी की पर्ची दी गई, जिसमें खून की कमी दूर करने का उपाय बताते हुए बीफ खाने की सलाह दी गई है। एनटीपीसी के अस्पताल में ऐसी पर्ची बंटने के बाद बवाल मच गया है।

बड़े अस्पताल में दवाई कंपनियों की ओर से प्रचार के लिए पर्ची उपलब्ध कराई जाती है, जिसे डॉक्टर चेकअप के लिए आने वाले मरीजों को बांटते हैं। ऐसी ही एक मल्टीनेशनल कंपनी फ्रेंको इंडिया फार्मास्यूटिकल्स की लोकप्रिय दवा 'डेक्सोरेंज' का पर्चा भी इन दिनों अस्पतालों में गर्भवतियों को बांटा जा रहा है।

राज्य में बीफ प्रतिबंधित होने के बावजूद किसी मल्टीनेशनल दवा कंपनी की पर्ची में इसका उल्लेख होना बड़ी चूक है।

एनटीपीसी अस्पताल के सीएमओ डॉ. लोकेश महिंद्रा ने कहा कि वह छुट्टी पर थे, उनकी जानकारी में यह मामला आया है कि अस्पताल में डेक्सोरेंज का ऐसा पम्पलेट वितरित हुआ है, जिसमें स्पष्ट तौर पर बीफ का उल्लेख है, जो आपत्तिजनक है।

सीएमओ ने कहा, "हमारे अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ ने पर्चे में छपे आपत्तिजनक शब्द पर ध्यान नहीं दिया होगा।"

इस मामले में सीएमएचओ डॉ. पी.एस. सिसोदिया ने कहा कि शासकीय व अर्धशासकीय अस्पतालों में जेनेरिक दवाइयां अनिवार्य हैं, गैर जेनेरिक दवाइयों का प्रचार गलत है, ड्रग नीति के तहत नियम विरुद्ध भी है। इसकी लिखित शिकायत होने पर कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले पर बयान देने के लिए गर्भवती महिलाएं मीडिया के सामने नहीं आ रही हैं।

बहरहाल, भाजपा शासित छत्तीसगढ़ में बीफ खाने की सलाह देने वाली पर्चे के वितरण से हड़कंप मच गया है।

--आईएएनएस