देहरादून: पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। निर्वाचन आयोग किसी भी गड़बड़ी पर छूट देने के मूड में नजर नहीं आ रहा है। फिर गलती कितनी भी पुरानी क्यों न हो। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2012 में तय फार्म में आय-व्यय का लेखा-जोखा न देने वाले देहरादून के पालिका अध्यक्ष ऋषिकेश दीप शर्मा समेत जिले के 58 नेताओं को चुनाव आयोग ने झटका दिया है।

आयोग ने इन पर तीन वर्ष तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है। दरअसल, चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग की ओर से बनाए गए प्रारूप और दिए गए फार्म पर चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को निर्वाचन व्यय का लेखा-जोखा देना होता है।

यह भी पढ़ें :

चुनाव आयोग की इस सिफारिश से बढ़ सकती हैं नेताओं की मुश्किलें

यूपी : बुंदेलखंड से हो सकता है अगला सीएम, अखिलेश ने चुनाव लड़ने के दिये संकेत

नियम का पालन न करने वालों को चुनाव लड़ने से भी वंचित किया जा सकता है। राज्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से इस वर्ष सभी प्रत्याशियों का लेखा-जोखा केंद्रीय निर्वाचन आयोग को भेजा गया था। इस कड़ी में निर्वाचन आयोग पहले जून में प्रदेश के 29 नेताओं और फिर जुलाई में दो नेताओं पर चुनाव लड़ने पर रोक लगा चुका है।

अब निर्वाचन आयोग ने देहरादून के ऐसे 58 लोगों की सूची जारी की है जिन्होंने निर्वाचन व्यय का समुचित ब्योरा आयोग को उपलब्ध नहीं कराया है।

अब तक आयोग 2012 के विधानसभा चुनाव में आय व्यय का ब्योरा न जमा करने वाले 89 नेताओं पर संसद के किसी भी सदन, विधानसभा व विधान परिषद चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर चुका है।