रांची : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने बुधवार को आय से अधिक संपत्ति मामले में झारखंड के पूर्व मंत्री हरिनारायण राय को पांच साल जेल की सजा सुनाई।

अधिवक्ता के अनुसार, सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश बी.के. तिवारी ने आय से अधिक संपत्ति मामले में सजा सुनाई।

झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई ने राय के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की थी और साल 2010 में आरोप पत्र दायर किया था।

जांच के दौरान सीबीआई ने पाया कि राय ने 1.5 करोड़ रुपये मूल्य से अधिक की संपत्ति जमा कर रखी थी जो उनकी आय के ज्ञात स्रोत से ज्यादा थी।

राय उन तीन निर्दलीय विधायकों में एक थे जिन्होंने साल 2006 में अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में भाजपा सरकार को गिराई थी और मधु कोड़ा की सरकार बनवाने में मदद की थी।

राय 2005 से 2009 तक अर्जुन मुंडा, शिबू सोरेन और मधु कोड़ा के नेतृत्व में तीन सरकारों में मंत्री रहे थे।

सजा सुनाए जाने के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए राय ने कहा, "मुझको न्यायपालिका में विश्वास है और सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करूंगा।"

--आईएएनएस