नई दिल्ली : संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्‍यसभा में विपक्ष ने नोटबंदी पर सरकार को जम कर घेरा। विपक्ष ने को आरोप लगाया कि इस न केवल देश में आर्थिक अराजकता पैदा हो गई बल्कि पूरी दुनिया में यह संदेश गया कि भारतीय अर्थव्यवस्था में काले धन का बोलबाला है।

जदयू नेता शरद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुटकी ली और इशारों में कहा कि प्रधानमंत्री ने अकेले ये फैसला ले लिया। यहां तक कि वित्‍त मंत्री तक को भरोसे में नहीं लिया।

शरद यादव ने कहा कि अगर अरुण जेटली को पता होता तो वह मुझे बता देते। वह मेरे मित्र हैं। इस बात पर पूरे सदन में हंसी गूंज गई।

शरद यादव के बगल में बैठीं बसपा सुप्रीमो मायावती भी मुस्‍कुराए बिना नहीं रह सकीं। इससे कुछ ही देर पहले वह काफी गंभीर लग रही थीं।

यादव के भाषण के दौरान कई बार सदन में ठहाके गूंजे। उनके एक ओर बैठे रामगोपाल यादव ने भी उन्‍हें कुछ कहा, जबकि पास में ही बैठे माकपा सांसद सीताराम येचुरी भी उनसे कुछ कहते देखे गए।

यादव ने नोटबंदी का विरोध करते हुए कहा कि सरकार के फैसले से गांव के गरीब, किसान बेहद बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्‍होंने कहा कि कालाधन पर अंकुश लगाने के लिए नोट बैन कर देना कोई प्रभावी कदम नहीं है। उन्‍होंने इसके लिए संयुक्‍त संसदीय समिति बनाने की मांग की।

शरद यादव ने सत्‍ता पक्ष को संबोधित कर कहा, ”पूरा देश लाइन में लगा है, किसको लाइन में लगाए हैं- जो ईमानदार लोग हैं, जो मजदूरी करते हैं। 50 दिन तक पेट इंतजार नहीं करेगा, वह ठहर नहीं सकता। आपने छोटे लोगों के बारे में नहीं सोचा। जो एटीएम का मतलब तक नहीं जानते।"

यादव ने सरकार से इंतजामों के बारे में पूछते हुए कहा, ”500 व 1000 के नोटों को बंद करके आपने लोगों को मौका दिया है कि वह काला धन पैदा करें। लोग 1000 के बदले 700 रुपए दे रहे हैं। यहीं दिल्‍ली में, बैंक की कूव्‍वत नहीं है कि जो आपने फैसला किया, वह उसका जवाब दे सके। किसान के बारे में आपने सोचा तक नहीं। वह चेक से नहीं, नकद भुगतान करता है। उन्‍हें खाद चाहिए, बीज चाहिए, बीज वाला कैश मांग रहा है। क्‍या इंतजाम कर रहे हैं आप?”