सिरसिल्ला। पापी पेट के लिए नौकरी की तलाश में खाड़ी देश गये तेलंगाना के अनेक लोग अकारण जेलों में बंद हैं। साउदी अरब में जारी अंतर कलह के कारण लोग वहाँ पर न काम कर पा रहे हैं और न ही स्वदेश लौट आ पा रहे हैे। क्योंकि स्वदेश आने वालों के लिए आउट पासपोर्ट नहीं मिल रहा है। परिणामस्वरूप उन्हें महीनों तक साउदी की जेड्डा जेलों में रहना पड़ रहा है। सिरसिल्ला निवासी अनेक लोगों ने अपनी दुखभरी दास्तान साक्षी समाचार को बतायी। उन्होंने सिरसिल्ला विधायक व मंत्री के. तारक रामाराव से आग्रह किया है कि उनके रिहाई के लिए आवश्यक कदम उठायें।

साउदी सरकार ने खाड़ी देशों में रह रहे स्थानीय निवासियों की कंपनियों में काम कर रहे विदेशियों को स्वदेश भेज देने का निर्णय लिया है। इसके चलते तेलंगाना के अनेक लोगों को स्वदेश लौट आने की नौबत आयी है। यहाँ-वहाँ कर्जा लेकर खाड़ी देश गये अनेक लोग स्वदेश वापस लौट आने से कतरा रहे हैं। क्योंकि उन्हें कर्जदारों की प्रताड़ना का डर हैं। इसके चलते अनेक लोग कंपनी छोड़कर अन्यत्र काम करने पर मजबूर है। बिना पासपोर्ट के निवास रह रहे तथा अन्यत्र काम करने वालों को स्थानीय पुलिस पकड़ कर जेलों में ठूंस रही है। पता चला है कि तेलंगाना के 31 जिलों के लगभग 300 लोग बिना आउट पासपोर्ट के जेलों में बंद हैं।

दुसरी ओर स्थानीय दूतावास कार्यालय में कार्यरत अधिकारियों का कर्तव्य हैं कि भारतीयों की पहचान करके उनके दिये गये पते के आधार पर आउट पासपोर्ट जारी करें, परंतु अधिकारी ऐसा नहीं कर रहे हैं। पता चला है कि दूताबास कार्यालय में काम करने वाले अधिकतर अधिकारी केरल निवासी है। ये अधिकारी तेलंगाना वालोे के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहे हैं। नियम के अनुसार जेलों बंद व्यक्ति की पहचान कर दस दिन के भीतर उसके नाम पर आउट पासपोर्ट जारी किया जाना चाहिए, किंतु जेलों में तीन माह बीत जाने पर भी दूतावास के अधिकारी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।