हैदराबाद : क्रांतिकारी कवि-गायक गदर ने आंध्रप्रदेश और तेलंगाना सरकारों से मांग की कि मुठभेड़ के नाम पर माओवादियों की हत्या करना बंद करें। उन्होंने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मांग की कि एओबी एनकाउंटर पर स्पष्टीकरण दें।

शहर के याप्राल इलाके में संपन्न माओवादी प्रभाकर के अंतिम संस्कार के मौके पर गदर ने पत्रकारों से बात की। प्रभाकर उर्फ गंगाधर उन 24 लोगों में एक थे जो एओबी में मंगलवार को हुई मुठभेड़ में मारे गए थे। याप्राल के रहने वाले प्रभाकर कई सालों से एक सांस्कृतिक कार्यकर्ता के तौर पर प्रजा कला मंडली में काम रहे थे। तीन साल पहले प्रभाकर भूमिगत हो गए थे ताकि माओवादी आंदोलन में पूर्णकालीन कार्यकर्ता के तौर पर काम कर सके। प्रभाकर के शव को उनकी पत्नी मलकनगिरी से ले आई। गदर ने प्रभाकर को श्रद्धांजलि अर्पित की।

अलकूरापाडु में पूरा हुआ आरके के पुत्र मुन्ना का अंतिम संस्कार
अलकूरापाडु में पूरा हुआ आरके के पुत्र मुन्ना का अंतिम संस्कार

उधर माओवादी नेता रामकृष्ण के बेटे प्रथ्वी अक्किराजू उर्फ मुन्ना का अंतिम संस्कार प्रकाशम जिले के अलाकूरापाडु गांव में संपन्न हुआ। रामकृष्ण की पत्नी शिरीषा ने इस मौके पर कहा कि उन्हें गर्व है कि उनके बेटे ने दबी-कुचली जनता के लिए अपनी जान दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उनके बेटे की क्रूरतापूर्वक हत्या की। उन्होंने आगे कहा, 'जब तक समाज में समस्याएं रहेंगी तब तक जनता के पक्ष में क्रांतिकारी लड़ते रहेंगे।'

ओडिशा में हुई अलग-अलग मुठभेड़ों में अब तक मारे गए 30 माओवादियों में से अत्यधिक के शव अभी भी पुलिस के पास ही हैं क्योंकि उन्हें लेने के लिए उनके परिवारों से कोई नहीं आया। मलकनगिरी जिले में लगातार हो रही मौतों से तनाव का वातावरण बना हुआ है। वहीं पुलिस अभी भी गश्त अभियान जारी रखी हुई है ताकि घायल माओवादियों की धरपकड़ की जा सके।