विशेष : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कब, क्यों और कैसे हुआ शुरू?

सोशल मीडिया से साभार - Sakshi Samachar

8 मार्च यानी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस। कई सालों से दुनिया भर के लोगअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाते आ रहे हैं। मगर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है? अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस क्या है? यह दिवस कब और कैसे शुरू हुआ? यह जानना भी जरूरी है।

मज़दूर आंदोलन

वैसे तो अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एक मज़दूर आंदोलन की उपज है। इसकी नींव साल 1908 में पड़ी थी। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में 15 हज़ार औरतों ने मार्च निकाला। उनकी मांग थी कि काम के समय को कम किया जाये।

सही वेतन

इसके अलावा काम के बदले सही वेतन दिया जाए। साथ ही चुनाव में मतदान करने का अधिकार भी दिया जाए। आखिर तत्कालीन सरकार सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ अमरीका ने महिलाओं की मांगे मान ली। सरकार ने तब इसे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस घोषित किया।

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अवकाश

साल 1917 में सोवियत संघ ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया। इसके बाद अन्य देशों में भी इस दिन महिलाओं के लिए अवकाश घोषित किया गया।

गौरतलब है कि अमेरिका में सोशलिस्ट पार्टी के आह्वान पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सबसे पहले 28 फ़रवरी 1909 को मनाया गया। इसके बाद यह दिवस फरवरी के आखिरी रविवार दिन मनाया जाने लगा।

वोट का अधिकार

साल 1909 में सोशलिस्ट इंटरनेशनल के कोपेनहेगन सम्मेलन में इसे अन्तर्राष्ट्रीय दर्जा दिया गया। उस समय इसका प्रमुख ध्येय महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिलवाना था। क्योंकि उस दौरान अधिकतर देशों में महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था।

इसी क्रम में 1917 में रूस की महिलाओं ने रोटी और कपड़े के लिए हड़ताल पर जाने का फैसला किया। यह हड़ताल भी ऐतिहासिक बन गई थी। ज़ार को सत्ता छोड़नी पड़ी। तब अन्तरिम सरकार ने महिलाओं को वोट देने के अधिकार दिया।

कैलेंडर

इतिहास बताता है कि उस समय रूस में जुलियन कैलेंडर चलता था और बाकी दुनिया में ग्रेगेरियन कैलेंडर। इन दोनों की तारीखों में कुछ अन्तर है। जुलियन कैलेंडर के मुताबिक 1917 की फरवरी का आखिरी रविवार 23 फ़रवरी को था। जब की ग्रेगेरियन कैलैंडर के अनुसार वह दिन 8 मार्च था। इस समय पूरी दुनिया में ग्रेगेरियन कैलैंडर चलता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए 8 मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

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