जान पर खेल बचा ली 6 मुस्लिम पड़ोसियों की बचाई जान, लड़ रहे जिंदगी और मौत के बीच जंग 

डिजाइन फोटो। - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : शिव विहार उत्तर-पूर्वी दिल्ली का सबसे अधिक हिंसा प्रभावित इलाका है। हालांकि, अब यहां एक दूसरे समुदाय के प्रति सम्मान व दोस्ती की अनूठी मिसाल भी सामने आ रही है। ऐसा ही एक उदाहरण पेश किया यहां रहने वाले प्रेमकांत नामक व्यक्ति ने।

दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति को बचाने के लिए प्रेमकांत खुद अपनी जान जोखिम में डाल दी। बचाव की इस कार्यवाही में प्रेमकांत पीड़ित व्यक्ति को बचाने में कामयाब रहे, लेकिन इस दौरान वह खुद 70 फीसदी तक जल गए, लेकिन मुस्लिम परिवार के 6 सदस्यों को बचा लिया।

घरवालों ने तुरंत एंबुलेंस को कॉल किया लेकिन दंगे भड़कने की वजह से उन्हें तत्काल एंबुलेंस नहीं मिल पाई। इस दौरान वे रातभर तड़पते रहे। किसी तरह अगले दिन सुबह उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। यहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने अस्पताल जाकर प्रेमकांत से मुलाकात की है। प्रेमकांत और उनके परिजनों से मिलने के उपरांत दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल इसे सामुदायिक भाईचारे की एक मिसाल का उदाहरण कहा।

स्वाति मालीवाल ने कहा, "हिंसा पीड़ित क्षेत्र शिव विहार में रहने वाले प्रेमकांत जी अपने एक मुसलमान पड़ोसी को दंगे से बचाते हुए 70 प्रतिशत जल गए।"

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स्वाति मालीवाल जख्मी प्रेमकांत और उनके परिवार से मिलने गुरु तेग बहादुर अस्पताल गई। स्वाति मालीवाल ने कहा, "प्रेमकांत जी जैसे लोग दिल्ली के असली हीरो हैं। उनसे मिलकर बहुत हौसला मिला। मेरी प्रार्थना है कि वो जल्द ठीक हों और हमारे साथ मिलकर काम करें।"

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फैली हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने जहां एक दूसरे के घर मकान दुकानें जलाईं, वहीं गोकुलपुरी इलाके में उपद्रवियों ने दिल्ली महिला आयोग के महिला पंचायत द़फ्तर को भी जला दिया।

इस पर दिल्ली महिला आयोग ने कहा कि हिंसा कराने वाले अपने घरों में आराम से बैठे हैं। ये नफरत की आग कब रुकेगी? पुलिस कब तक स्थिति सामान्य करवाएगी?

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