मलाला ने शेयर की ग्रेटा थनबर्ग के साथ फोटो, प्रियंका चोपड़ा से लेकर इन सेलेब्स ने किए ऐसे कमेंट

मलाला और ग्रेटा थनबर्ग की फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गई। - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : जलवायु परिवर्तन को लेकर आवाज उठाने वाली ग्रेटा थनबर्ग ने मंगलवार को ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई से मुलाकात की। इस दौरान दोनों एक फोटो भी खिंचवाई।

बता दें कि मलाला ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की छात्रा हैं। 22 साल की मलाला युसुफजई ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर एक थनबर्ग के साथ एक फोटो पोस्ट की है। इस फोटो में दोनों एक बेंच पर बैठे हुए नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट मे मलाला ने एक कैप्शन भी लिखा हुआ है। इसमें उन्होंने लिखा है "थैंक यू ग्रेटा थनबर्ग’’।

देखते ही देखते दोनों की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। वायरल फोटो को हजारों लाइक्स मिले हैं। इस पोस्ट पर प्रियंका चोपड़ा और मिंडी कलिंग जैसी सेलिब्रटी ने कमेंट किया हुआ है।


क्या है पूरा मामला ?

दोनों ने अपने मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर शेयर किया है। ग्रेटा थनबर्ग की फोटो को शेयर करते हुए मलाला ने लिखा, एकमात्र दोस्त जिसके लिए मैं स्कूल से निकल गई। मलाला अभी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही हैं। मलाला के ट्विट को ग्रेटा थनबर्ग ने रिट्वीट किया।ग्रेटा-मलाला की कहानी एक सीमलाला और ग्रेटा की कहानी थोड़ी बहुत मिलती जुलती हैं। दोनों को पढ़ाई के दौरान बाधा का सामने करना पड़ा है। दोनों पहली बार 15 साल की उम्र में ही दुनिया में चर्चा केंद्र बनी।


कौन हैं थनबर्ग ?

17 साल की थनबर्ग जलवायु परिवर्तन और महिलाओं की शिक्षा के लिए खड़े होने के बाद दोनों महिलाओं ने दुनिया भर में ख्याति अर्जित की। वे मौजूदा समय में ब्रिस्टल के एक स्कूल की हड़ताल में शामिल होने के लिए यूनाइटेड किंगडम में हैं।

जलवायु परिवर्तन के विरोध में स्वीडन में स्कूल छोड़ देने के बाद थनबर्ग जाना- माना नाम बन चुकी हैं।थनबर्ग को 2019 और 2020 में नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था।

मलाला ने सबसे कम्र में जीता नोबेल पुरस्कार

22 साल की मलाला युसुफजई 2014 में, मलाला शिक्षा की वकालत करने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार पाने वाली सबसे कम उम्र की महिला बनी। मलाला युसुफजई तब चर्चा में आई थी जब उन्हें तालिबानियों उन्हें सिर में गोली मार दी गई थी। इसके बाद उनका काफी दिनों तक इलाज चला। वे पाकिस्तान में लड़कियों को स्कूल जाने की अनुमति की मांग कर रही थी। इस वजह से आतंकियों ने उन्हें गोली मारी ताकि लड़कियों को स्कूल जाने की परमिशन ना मिल सके।

यह जोड़ी मलाला के ऑक्सफोर्ड कॉलेज के लेडी मार्गरेट हॉल में उनकी सक्रियता पर चर्चा करने के लिए मिली थी। थनबर्ग ने जलवायु परिवर्तन और विरोध के बारे में कुछ छात्रों से भी बात की। कॉलेज के मास्टर, एलन रुस्बाइगर ने अपने इंस्टाग्राम और ट्विटर पर थुनबर्ग की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें थनबर्ग की मेजबानी करने का मौका मिला। मैं आभारी हूं कि उन्हें छात्रों से बात करने का समय मिला।

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