दिल्ली हिंसा : मरने वालों की संख्या 20 हुई, 8000 अतिरिक्त जवान तैनात 

सेना का फ्लैग मार्च  - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून को लेकर भड़की साम्प्रदायिक हिंसा में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 20 पर पहुंच गई है। जीटीबी अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

बुधवार सुबह भी दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में हिंसक प्रदर्शन हुआ, यहां पर कुछ उपद्रवियों ने एक दुकान में आग लगा दी। हिंसा के माहौल के बीच सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपील की है कि दिल्ली में हिंसा प्रभावित इलाकों में सेना की तैनाती होनी चाहिए।


दिल्ली में हिंसा को काबू पाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अब 8000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती करने का फैसला लिया है। मंगलवार तक दिल्ली में 37 अर्धसैनिक बलों की कंपनियां तैनात थी, लेकिन अब इनकी संख्या 45 कर दी गई है। अर्धसैनिक बलों के जवान पुलिस के साथ मिलकर कई इलाकों में मार्च कर रहे हैं।


आपको बता दें कि मंगलवार को मरने वाले लोगों की संख्या 13 बताई गई थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल से पांच शवों को गुरु तेग बहादुर अस्पताल लाया गया। इसके साथ ही मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।


वहीं, दिल्ली उच्च न्यायालय ने आधी रात सुनवाई के बाद पुलिस को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर हुई हिंसा में घायल हुए लोगों के सुरक्षित निकास और उनका तत्काल उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर के आवास पर उस याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें घायलों को पर्याप्त सुविधाओं वाले चिकित्सीय संस्थानों तक सुरक्षित ले जाने की व्यवस्था की मांग की गई थी।

न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी की पीठ ने पुलिस को इस व्यवस्था के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल करने का निर्देश भी दिया। पीठ ने अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है, जिसमें घायलों और उन्हें दिए गए उपचार के बारे में जानकारी हो।

मामले पर आगे की सुनवाई आज बुधवार दो बजकर 15 मिनट पर होगी। पीठ ने कहा कि दिल्ली के गुरु तेग बहादुर और लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल के मेडिकल सुप्रिटेंडेंट को भी इस आदेश की जानकारी दी जाए।

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गौरतलब है कि दिल्ली के संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का समर्थन करने वाले और विरोध करने वाले समूहों के बीच संघर्ष ने साम्प्रदायिक रंग ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने कई घरों, दुकानों तथा वाहनों में आग लगा दी और एक-दूसरे पर पथराव किया। फिलहाल दिल्ली के चार इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

वहीं दूसरी तरफ, दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान शहीद हुए पुलिस हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल का परिवार धरने पर बैठ गया है। परिवार की मांग है कि रतनलाल को शहीद का दर्जा दिया जाए। दिल्ली के भजनपुरा में हुई हिंसा के दौरान रतनलाल की मौत हो गई थी, वो राजस्थान के सीकर के रहने वाले थे। बुधवार को उनके परिवार ने पैतृक गांव जाने वाले रास्ते पर जाम लगा दिया।

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