मेलानिया ट्रंप के कार्यक्रम से हटा केजरीवाल और सिसोदिया का नाम, विपक्ष ने साधा निशाना

मेलानिया ट्रंप ( फोटो : सौ, सोशल मीडिया)  - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : अमेरिका की पहली महिला मेलानिया ट्रंप 25 फरवरी को दिल्ली के एक सरकारी स्कूल का दौरा करेंगी, यहां उनके साथ गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। ऐसे में सूत्रों ने शनिवार को कहा कि संभवत: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को गणमान्य लोगों की सूची से हटा दिया गया है।

मेलानिया यहां दिल्ली के सरकारी स्कूलों में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार द्वारा शुरू की गई 'हैप्पीनेस क्लास' को देखने के लिए शिरकत करेंगी। स्कूली बच्चों के बीच तनाव को कम करने के प्रयास के रूप में शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने दो वर्ष पूर्व जुलाई 2018 से 'हैप्पीनेस क्लास' का शुभारंभ किया था। इसमें 40 मिनट तक ध्यान, आराम और यहां तक कि बाहरी गतिविधियां भी शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए आप की राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य प्रीति शर्मा मेनन ने एक ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी की संकीर्णता का कोई मुकाबला नहीं है। (भले ही ) आप (मोदी) अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया को आमंत्रित नहीं कर सकते हैं, लेकिन उनके लिए उनका काम बोलता है।"

दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि मेलानिया ट्रंप के एक सरकारी स्कूल की यात्रा के दौरान वहां मौजूद रहने वाले अतिथियों की सूची से मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को हटा दिया गया है।

राय ने कहा, "इस बारे में हमें कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। और जब तक इस बाबत कोई अधिकारिक जानकारी हमें नहीं मिलती है, हम इस पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं।"

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दिल्ली सरकार के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, अमेरिका की फर्स्ट लेडी के दक्षिण दिल्ली में स्कूल का दौरा करने की संभावना है, जहां वह पहली बार 'हैप्पीनेस करिकुलम' के प्रभाव को देखेंगी।


वहीं कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि ऐसे आधिकारिक कार्यक्रमों में चुनिंदा रूप से आमंत्रित करने की शुरूआत मोदी सरकार ने की थी और यह हमारे लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री के रिसेप्शन के कार्यक्रमों से विपक्ष को बाहर रखना तुच्छ लगता है, लेकिन यह भारत को कमजोर करता है।

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