नसबंदी के लिए कमलनाथ सरकार की जोर - जबरदस्ती,  याद दिलाया संजय गांधी वाला जमाना

डिजाइन फोटो - Sakshi Samachar

भोपाल: मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ अपने गुरू संजय गांधी के नक्शेकदम पर चल पड़े हैं। दरअसल सरकार ने अपने स्वास्थ्य कर्मियों और अफसरों को एक ऐसा नया फरमान जारी किया है जिससे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के होश उड़ गए हैं।

कमलनाथ सरकार ने सरकार बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्यकर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे एक व्यक्ति की नसबंदी करें और यदि वो ऐसा करने में नाकाम रहते हैं तो उनका वेतन काट दिया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कमलनाथ सरकार ने कर्मचारियों के लिए हर महीने 5 से 10 पुरुषों के नसंबदी ऑपरेशन करवाने का लक्ष्य दिया हुआ है। यदि कर्मचारी ऐसा करने में असफल होते हैं तो नो-वर्क, नो-पे के आधार पर सैलरी ना देने की चेतावनी दी है।

राज्य के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जिले के आला अधिकारियों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे ऐसे पुरुष कर्मचारियों की पहचान करें, जिन्होंने 2019-20 की अवधि में एक भी पुरुष की नसबंदी नहीं की थी और उन पर "कोई काम नहीं तो वेतन नहीं" का नियम लागू करें।

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सरकार ने कहा है कि जो अधिकारी ऐसा करने में नाकाम रहता है उसे अनिवार्य रूप से वीआरएस दे दिया जाएगा। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, केवल 0.5 फीसद पुरुषों ने ही नसबंदी कराने का विकल्प चुना था। आपको बता दें कि पूर्व पीएम इंदिरा गांधी द्वारा लागू की गई इमरजेंसी के दौरान बड़े पैमाने पर नसबंदी अभियान 21 महीने तक चलाया गया था और इस दौरान हजारों लोगों की जबरदस्ती नसबंदी करा दी गई थी।

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