अमूल्या का एक सच यह भी है, सुनिए उसके पिता का दर्द

फोटो : सौ, सोशल मीडिया  - Sakshi Samachar

बेंगलुरु : संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के विरोध में यहां गुरुवार को एक कार्यक्रम में पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने वाली अमूल्‍या के खिलाफ देश द्रोह का मामला दर्ज करने के साथ ही 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

आपको बता दें कि गुलबर्गा में एक जनसभा में एक लड़की ने AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी में ''पाकिस्तान जिन्दाबाद'' का नारा लगाया। हालांकि ओवैसी ने महिला के इस कृत्य की निन्दा करते हुए कहा, ‘‘हम भारत के लिए हैं।''

वहीं, अमूल्या के पिता को इन सबसे कोई हैरानी नहीं है। उन्‍होंने कहा कि अमूल्‍या कुछ मुस्‍लिमों के संपर्क में है और इसके लिए उन्‍होंने उसे पहले ही सतर्क करने की कोशिश की थी लेकिन वह उनकी नहीं सुनती।

पिता ने यह भी कहा, "अमूल्‍या को फोन कर बुलाया था, क्‍योंकि मेरी तबियत ठीक नहीं थी। लेकिन उसने कहा कि वह नहीं आ सकती और मैं खुद अपना ख्‍याल रखूं।"

आपको बता दें कि अमूल्‍या का पूरा नाम अमूल्‍या लियोना नोरोन्‍हा है। वह मूल तौर पर चिकमंगलुरु के कोप्‍पा की रहने वाली है। अमूल्‍या अभी पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही है। इससे पहले वह बेंगलोर रिकॉर्डिंग कंपनी में ट्रांसलेटर के तौर पर काम करती थी। सदविद्या कंपोजिट प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज से उसने अपनी पढ़ाई पूरी की और मनिपाल के क्राइस्‍ट स्‍कूल व संत नार्बर्ट सीबीएसई से स्‍कूली शिक्षा ली है।

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साथ ही अमूल्‍या सोशल मीडिया पर काफी एक्टीव रहती है। फेसबुक पर उसके नाम से पेज है। इसके अलावा ट्विटर पर भी वह काफी सक्रिय है।

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