नई दिल्ली : भारत सरकार द्वारा शनिवार शाम पद्म पुरस्कार 2020 की घोषणा की गई। इस बार 21 हस्तियों को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए चुना गया है। वहीं 7 हस्तियों को पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा जाएगा।

पद्म विभूषण सम्मान पाने वालों में भारत की महिला बॉक्सर मैरी कॉम को पद्म विभूषण और पीवी सिंधु को पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, जॉर्ज फर्नांडिस और सुषमा स्वराज को मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा जाएगा।

कौन हैं वो 21 हस्तियां जिन्हें मिलेगा पद्मश्री

जगदीश लाल आहूजा, मोहम्मद शरीफ, जावेद अहमद टाक, तुलसी गोडा, सत्यनारायण मुंदयूर, अब्दुल जब्बार, उषा चौमार, पोपटराव पवार, हरेकाला हजब्बा, अरुणोदय मंडल, राधामोहन और साबरमती, कुशल कोनवार शर्मा, त्रिनिती सावो, रविकन्नन, एस रामकृष्णन, सुंदरम वर्मा, मुन्ना मास्टर, योगी आर्यन, राहीबाई सोमा पोपेरा, हिम्मत राम भांभू, मोझ्झिकल पंकजाक्षी।

लंगर बाबा के नाम से फेमस है जगदीश लाल आहूजा

जगदीश लाल आहूजा, जिन्हें 'लंगर बाबा' के रूप में भी जाना जाता है, को "नि: स्वार्थ रूप से दो दशकों से अधिक दैनिक 500 से अधिक गरीब रोगियों के लिए लंगरों के आयोजन" के लिए सम्मानित किया जा रहा है।

वह मरीजों को आर्थिक सहायता से लेकर कंबल और कपड़े तक उपलब्ध कराते हैं। वह एक अरबपति हैं जो विभाजन के दौरान खाली हाथ भारत आए थे। उन्होंने अपने मिशन को पूरा करने के लिए करोड़ों की संपत्ति बेच दी और पेट के कैंसर से भी जूझना जारी रखा।

जावेद अहमद टाक

कश्मीर के अनंतनाग के रहने वाले जावेद अहमद टाक दो दशकों से विशेष रूप से विकलांग बच्चों के साथ काम कर रहे हैं, ताकि उन्हें मुख्य धारा में शामिल किया जा सके। वह एक आतंकवादी हमले में गोली से रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण 1997 से व्हीलचेयर पर सवार है

कौन हैं चाचा शरीफ ?

एक अन्य पद्म पुरस्कार विजेता, मोहम्मद शरीफ उर्फ 'चाचा शरीफ', "साइकिल मैकेनिक है जो पिछले 25 वर्षों से हजारों लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर रहा है।" उन्होंने फैजाबाद और उसके आसपास 25,000 से अधिक लावारिस शवों का अंतिम संस्कार किया है। उन्होंने कभी भी धर्म के आधार पर अंतर नहीं किया है, वह व्यक्ति के धार्मिक प्रथाओं के अनुसार अंतिम संस्कार करते हैं- हिंदुओं का दाह संस्कार करते हैं और मुसलमानों को दफनाते हैं।

अनसंग हीरोज तुलसी गौड़ा का भी नाम शामिल

गणतंत्र दिवस पर पद्मश्री से सम्मानित किए जाने वाले अन्य 'अनसंग हीरोज' में तुलसी गौड़ा हैं, जिन्हें पौधों और जड़ी-बूटियों की विविध प्रजातियों के अपने विशाल ज्ञान के कारण 'इनसाइक्लोपीडिया ऑफ फॉरेस्ट' के रूप में जाना जाता है- बावजूद इसके कोई औपचारिक शिक्षा नहीं है । पिछड़े समुदाय के बीच गरीबी बढ़ने के बावजूद, उसने पिछले 60 वर्षों में हजारों पेड़ लगाए और पोषित किए हैं। 72 साल की उम्र में भी, वह पर्यावरण संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाते हुए, पौधों का पोषण करना और अपने ज्ञान को पीढ़ी के साथ साझा करना जारी रखती है।

बता दें कि पद्म श्री पुरस्कार भारत रत्न के बाद देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार हैं। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को सरकार द्वारा पुरस्कार देने वालों के नामों की अंतिम सूची की घोषणा की गई है।